लोकसभा: पेपर उछालने पर विपक्ष के 8 सांसद बजट सत्र से निलंबित

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में अमर्यादित आचरण और आसन की ओर कागज उछालने के आरोप में कांग्रेस और सीपीएम के 8 सांसदों को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राहुल गांधी के भाषण के दौरान हुए हंगामे के बाद की गई।

लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आसन की अवमानना करने के आरोप में विपक्षी दलों के 8 सांसदों को संसद के मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह निर्णय तब लिया जब विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर मेजों पर चढ़कर और आसन की ओर कागज उछालकर कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की। निलंबित किए गए सांसदों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और सीपीएम के सदस्य शामिल हैं।

निलंबित सांसदों की सूची और कार्रवाई का आधार

सदन की कार्यवाही के दौरान अमर्यादित व्यवहार करने के कारण जिन 8 सांसदों पर कार्रवाई की गई है, उनमें कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, डीन कुरियाकोस, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर शामिल हैं। इनके अतिरिक्त गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले और एस वेंकटेश्वरन को भी सत्र के अंत तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। पीठासीन अधिकारी के निर्देशों की अवहेलना और संसदीय मर्यादाओं के उल्लंघन को इस निलंबन का मुख्य आधार बताया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी, जिसके बाद यह औपचारिक घोषणा की गई।

हंगामे की शुरुआत और राहुल गांधी का भाषण

सदन में विवाद की शुरुआत दोपहर 2:00 बजे हुई जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान अपना भाषण शुरू किया। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चीन के साथ सीमा विवाद और अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापारिक समझौतों का मुद्दा उठाया। पीठासीन अध्यक्ष ने उन्हें बार-बार राष्ट्रपति के अभिभाषण के दायरे में रहकर बोलने का निर्देश दिया, लेकिन राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात जारी रखने पर अड़े रहे। जब उन्हें बोलने से रोका गया, तो विपक्षी खेमे में असंतोष फैल गया और सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

सदन के भीतर का घटनाक्रम और स्थगन

जैसे ही राहुल गांधी को बोलने से मना किया गया, विपक्षी सांसद सदन के बीचों-बीच (वेल) आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ सांसद सदन की मेजों पर चढ़ गए और हवा में कागज के टुकड़े आसन की ओर फेंकने लगे। इस स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही को पहले 3:00 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। जब कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तो सरकार की ओर से निलंबन का प्रस्ताव लाया गया जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी सांसदों का विरोध और तेज हो गया, जिसके परिणामस्वरूप सदन को अगले दिन सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप

इस निलंबन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल अपना कर्तव्य निभा रहे थे और सरकार उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है। वेणुगोपाल ने कहा कि यदि सरकार में साहस है तो वह पूरे विपक्ष को निलंबित करके दिखाए। दूसरी ओर, संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के माध्यम से देश के हितों के साथ समझौता किया है।

विश्लेषकों का दृष्टिकोण और संसदीय प्रभाव

संसदीय विश्लेषकों के अनुसार, बजट सत्र के दौरान इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का निलंबन विधायी कार्यों की गति को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सदन की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है, लेकिन साथ ही विपक्ष की आवाज को स्थान देना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस निलंबन के बाद अब बजट सत्र के शेष दिनों में विपक्ष की अनुपस्थिति या उनके कड़े विरोध के कारण महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित होने की संभावना है और यह घटनाक्रम सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते गतिरोध को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

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