भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण दिल्ली-NCR सहित कुल 9 राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। सोमवार को घने कोहरे की चादर के बाद अब मैदानी इलाकों में वर्षा की स्थिति बन रही है, जिससे सामान्य जनजीवन और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी बदलाव अगले 48 से 72 घंटों तक प्रभावी रह सकता है।
दिल्ली-NCR में बारिश और कोहरे का दोहरा प्रभाव
राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मंगलवार को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वर्षा के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसके 9°C के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के साथ-साथ सुबह के समय हल्का कोहरा भी छाए रहने की संभावना है। घने कोहरे के कारण पहले ही दिल्ली से चलने वाली 60 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से कई अपने निर्धारित समय से 7-8 घंटे की देरी से चल रही हैं।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ओलावृष्टि की आशंका
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज और झांसी सहित पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया है और वहीं, राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। राज्य के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों, विशेषकर कोटा और उदयपुर संभाग में हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है। राजस्थान के इन क्षेत्रों में अगले 2-3 दिनों तक बादलों की आवाजाही और छिटपुट वर्षा जारी रहने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में अलर्ट
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर एक बार फिर शुरू होने वाला है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान है और उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल जैसे जिलों में तापमान में भारी गिरावट की संभावना है। इसके अतिरिक्त, पंजाब, हरियाणा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी इस विक्षोभ के प्रभाव से हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण और प्रभाव
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ काफी सक्रिय है, जो अरब सागर से आने वाली नमी के साथ मिलकर उत्तर-पश्चिम भारत में दबाव का क्षेत्र बना रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से रबी की फसलों को लाभ हो सकता है, लेकिन ओलावृष्टि की स्थिति में नुकसान की संभावना भी बनी रहती है। बिहार में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि वहां भी सुबह के समय कोहरा देखा जा सकता है और पटना में न्यूनतम तापमान 15°C के आसपास रहने की उम्मीद है।
आगामी चेतावनी
मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं, विशेषकर रेल और हवाई यात्रा करने वाले यात्री समय सारणी की जांच अवश्य करें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन सकती है। आगामी 3-4 दिनों तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रभाव बना रहेगा और बारिश के बाद ठंडी हवाएं चलने से कनकनी बढ़ सकती है।
