वेनेजुएला में 3 जनवरी 2026 को एक बड़े घटनाक्रम में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया और इस ऑपरेशन के दौरान, क्यूबा के 32 सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी, जो वेनेजुएला के राष्ट्रपति की रक्षा कर रहे थे. इस दुखद घटना के बाद, क्यूबा सरकार ने अपने शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जिससे दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों और इस क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव का पता चलता है.
अमेरिकी सैन्य अभियान और मादुरो की गिरफ्तारी
शनिवार, 3 जनवरी 2026 को, अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा हमला किया, जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करना था और इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप, मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया. अमेरिकी सेना की कार्रवाई काराकास में हुई, जहां क्यूबा के सैनिक मादुरो की सुरक्षा में तैनात थे और यह हमला वेनेजुएला की संप्रभुता पर एक सीधा हमला था और इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं. मादुरो को बाद में न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन्हें ड्रग्स से संबंधित आरोपों का सामना करना पड़ेगा, और उन्हें सोमवार को अमेरिकी शहर की एक अदालत में पेश किया जाना है.
क्यूबा का गहरा दुख और राष्ट्रीय शोक
क्यूबा सरकार ने अपने 32 सैनिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जो वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा अगवा करने के ऑपरेशन के दौरान मारे गए और क्यूबा ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 3 जनवरी 2026 को अमेरिका की सरकार द्वारा दोस्त देश वेनेजुएला के खिलाफ किए गए आपराधिक हमले के दौरान 32 क्यूबाई मारे गए. इस गंभीर क्षति के जवाब में, क्यूबा ने 5 जनवरी को सुबह 6:00 बजे से. 6 जनवरी 2026 की रात 12 बजे तक दो दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. इस अवधि के दौरान, सभी सार्वजनिक भवनों और सैन्य संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका कर फहराया जाएगा, और सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों और उत्सव संबंधी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया है, जो देश के लिए इस नुकसान की गंभीरता को दर्शाता है.
वेनेजुएला में क्यूबा के सैनिकों की भूमिका
क्यूबा के सैनिक वेनेजुएला में वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर मौजूद थे. राज्य संचालित प्रेंसा लातिना एजेंसी ने पुष्टि की कि ये क्यूबाई लड़ाके वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर, देश की सेना की ओर से मिशन को अंजाम देते हुए मारे गए और इन सैनिकों का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी सेना को रोकना और राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. उनकी उपस्थिति क्यूबा और वेनेजुएला के बीच गहरे सैन्य सहयोग और एक-दूसरे के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इन सैनिकों का बलिदान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक गठबंधन की एक दुखद याद दिलाता है.
क्यूबा और वेनेजुएला के बीच मजबूत संबंध
क्यूबा और वेनेजुएला के बीच दशकों से घनिष्ठ संबंध रहे हैं. क्यूबा वेनेजुएला सरकार का एक करीबी सहयोगी है और कई वर्षों से लैटिन अमेरिकी देश में अभियानों में मदद के लिए सैन्य और पुलिस बल भेजता रहा है. यह गठबंधन मुख्य रूप से क्यूबा को वेनेजुएला के तेल से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर आधारित था, जिसने क्यूबा की अर्थव्यवस्था को काफी हद तक सहारा दिया. इस सैन्य सहायता के बदले में, क्यूबा ने वेनेजुएला को चिकित्सा कर्मियों और अन्य विशेषज्ञता प्रदान की है, जिससे दोनों देशों के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बना हुआ है. यह घटना इस गठबंधन की नाजुकता और इसके लिए चुकाई गई कीमत को उजागर करती है.
मादुरो पर आरोप और उनका खंडन
गिरफ्तारी के बाद, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ड्रग्स से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क ले जाया गया. उन्हें सोमवार को अमेरिकी शहर की एक अदालत में पेश किया जाना है. हालांकि, मादुरो ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनके इनकार से यह संकेत मिलता है कि वह इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित मानते हैं और अमेरिकी कार्रवाई को अपनी सरकार को अस्थिर करने के प्रयास के रूप में देखते हैं. यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों पर बहस को और तेज कर सकती है.
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री का बयान
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री जनरल व्लादिमिर पाद्रीनो ने सरकारी टेलीविजन पर एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले में सैनिकों, आम नागरिकों और मादुरो की सुरक्षा टीम के एक बड़े हिस्से की हत्या कर दी गई. यह बयान अमेरिकी ऑपरेशन की क्रूरता और वेनेजुएला पर इसके व्यापक प्रभाव को रेखांकित करता है. पाद्रीनो का बयान वेनेजुएला की सरकार की ओर से इस हमले की कड़ी निंदा और अपने नागरिकों और सैनिकों के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त करता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी
रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि हमले के दौरान दूसरी तरफ बहुत ज्यादा. मौतें हुई हैं, और विशेष रूप से कई क्यूबाई मारे गए. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी पक्ष में कोई मौत नहीं हुई. उन्होंने क्यूबा में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना को कम बताया, यह कहते हुए कि द्वीपीय देश अपने आप ही ढहने की कगार पर दिख रहा है और ट्रंप ने कहा, “क्यूबा गिरने के लिए तैयार है. मुझे नहीं पता कि वो इसे कैसे संभाल पाएंगे, लेकिन क्यूबा के पास अब कोई आय नहीं है. उनकी सारी आय वेनेजुएला से आती थी, वेनेजुएला के तेल से. अब उन्हें वो कुछ भी नहीं मिल रहा है. क्यूबा सचमुच गिरने की हालत में है. ” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में रहने वाले बहुत से क्यूबाई मूल के लोग इस स्थिति से बहुत खुश होने वाले हैं. ट्रंप की टिप्पणियां इस क्षेत्र में अमेरिकी नीति और क्यूबा के भविष्य के बारे. में महत्वपूर्ण संकेत देती हैं, खासकर वेनेजुएला से तेल राजस्व के नुकसान के बाद.