TMC का नाम और सिंबल फ्रीज होने पर भड़कीं ममता बनर्जी, नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज किए जाने पर चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया और नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) द्वारा पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज किए जाने के फैसले पर तीखा हमला बोला है। इस फैसले पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए बनर्जी ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन करार दिया। यह घटनाक्रम एक ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज है, जिसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा की है।

नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान

एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। यह फैसला नंदीग्राम से टीएमसी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद लिया गया है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय इंडिया (INDIA) गठबंधन की एकजुटता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के व्यापक हित में हम नंदीग्राम में कांग्रेस पार्टी का समर्थन करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी गठबंधन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के समय और उसकी वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस आदेश को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताया। उन्होंने पूछा कि जब नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तब इस तरह का आदेश क्यों जारी किया गया? उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद मिठाइयां बांटने वाले इस पक्षपाती व्यक्ति के मामले में केवल यह अंतरिम आदेश ही क्यों आया? उन्होंने संकल्प जताया कि उनकी पार्टी इस स्थिति से मजबूती के साथ वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि उपचुनावों की वजह से हमने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

पार्टी और संस्थापक के रूप में प्रतिबद्धता

अपनी पार्टी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक वह इस दुनिया में हैं, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस उनके साथ रहेगी। उन्होंने गर्व से कहा कि वह इस पार्टी की संस्थापक चेयरपर्सन हैं और इसे कभी नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों ने टीएमसी को धोखा दिया, उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे कभी भी पार्टी से प्यार नहीं करते थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, उन्होंने यह अपने जोखिम पर किया है।

चुनाव में धांधली और आंकड़ों का खुलासा

मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने चार महीने पहले चुनाव जीता था, आज उनका चुनाव चिह्न अमान्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संकट की घड़ी में उन्हें अन्य विपक्षी नेताओं का साथ मिला है। राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया था और अरविंद केजरीवाल ने भी उनके समर्थन में ट्वीट किया था। उन्होंने विपक्षी दल को गंदी और घटिया हरकतें करने वाली पार्टी बताया।

ममता बनर्जी ने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान 92 लाख वोट हटा दिए गए और वोटों का अंतर 32 लाख था। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए चुनाव की प्रक्रिया में धांधली शुरू की गई है। उन्होंने बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह से चुनाव में धांधली की गई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 4000 ईवीएम मशीनें क्यों जलाई गईं और उनकी जांच क्यों नहीं की गई? उन्होंने बताया कि उन्हें 1 बजे जानकारी मिली जबकि 12:45 बजे चुनाव आयोग के लोग वहां आए थे।

विपक्ष पर हमला और व्यक्तिगत पाबंदियां

अन्य राजनीतिक दलों की स्थिति का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे की पार्टी, एनसीपी और शिवसेना के साथ भी वैसा ही किया जैसा अब टीएमसी के साथ हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने उन्हें समर्थन देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन देशहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे चुनाव को हाईजैक कर लिया गया है। 29 साल पुरानी पार्टी के नाम और सिंबल को जब्त किए जाने पर उन्होंने गहरा दुख व्यक्त किया।

इसके अलावा, उन्होंने हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया। सांसद डोला सेन से मिली जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 44 लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ और 48 की हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके सदस्यों को धमका रही है और ये अत्याचार भयानक हैं। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि वह वर्तमान में नजरबंद हैं और उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं, लेकिन आज उन्हें एक आम नागरिक जैसी आजादी भी नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल किया कि इतनी विवादित जीत के बाद भी सत्ता पक्ष इतना डरा हुआ क्यों है?