उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत दुखद और अमानवीय घटना प्रकाश में आई है। यह पूरा मामला थाना गोविंद नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालाजी मेमोरियल पब्लिक स्कूल का है, जहां शिक्षा के मंदिर में एक मासूम बच्ची और उसकी मां के साथ संवेदनहीन व्यवहार किया गया और प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा नर्सरी में पढ़ने वाली मात्र तीन वर्ष की एक मासूम छात्रा ने स्कूल परिसर में उल्टी कर दी थी। इस स्थिति में जहां स्कूल प्रबंधन को बच्ची के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी, वहीं इसके विपरीत प्रबंधन ने बच्ची और उसकी मां के साथ अपमानजनक व्यवहार किया। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मासूम बच्ची को दी गई दो घंटे की कठोर सजा
घटनाक्रम के अनुसार, यह मामला 8 मई की सुबह का है जब नर्सरी की छात्रा स्कूल पहुंची थी। अचानक बच्ची की तबीयत खराब हो गई और उसने कक्षा में ही उल्टी कर दी। स्कूल प्रबंधन ने जिम्मेदारी का परिचय देने के बजाय अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। बीमार बच्ची को प्राथमिक उपचार या पानी देने के स्थान पर उसे डांटा गया और सजा के तौर पर दो घंटे तक हाथ ऊपर करके खड़ा रखा गया और तीन साल की मासूम बच्ची अपनी बीमारी और स्कूल के इस कठोर व्यवहार के बीच घंटों परेशान रही। स्कूल प्रशासन ने बच्ची की शारीरिक स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी।
मां को बुलाकर पूरे फ्लोर पर लगवाया पोछा
बच्ची को सजा देने के बाद स्कूल प्रबंधन ने उसकी मां प्रियंका को स्कूल परिसर में बुलाया। प्रियंका जब अपनी बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना पाकर घबराते हुए स्कूल पहुंचीं, तो वहां का नजारा देखकर वह हक्का-बक्का रह गईं और स्कूल प्रबंधन ने प्रियंका के हाथ में पोछे का कपड़ा थमा दिया और उनसे पूरे फ्लोर की सफाई करने को कहा। अपनी बच्ची की खातिर और स्कूल के दबाव में आकर मां को पूरे फर्श पर पोछा लगाना पड़ा। प्रियंका ने सबसे पहले अपनी प्यासी और परेशान बच्ची को पानी पिलाया, लेकिन स्कूल प्रशासन ने तब तक उन्हें घर नहीं जाने दिया जब तक कि उन्होंने पूरे फ्लोर की सफाई नहीं कर दी।
एबीवीपी का हंगामा और पुलिस की दखलंदाजी
यह शर्मनाक घटना होने के बाद करीब 6 दिनों तक मामला दबा रहा, लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं को हुई, मामला गरमा गया। एबीवीपी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बालाजी मेमोरियल पब्लिक स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना गोविंद नगर प्रभारी रवि त्यागी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन, पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और बातचीत का दौर चला।
स्कूल प्रबंधन ने लिखित में मांगी माफी
पुलिस और सामाजिक संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच अंततः स्कूल प्रबंधन को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। स्कूल के प्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने इस पूरी घटना पर खेद व्यक्त किया और लिखित तौर पर माफीनामा दिया और प्रबंधक ने स्वीकार किया कि उनसे बड़ी चूक हुई है और उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी अमानवीय घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी। साथ ही उन्होंने स्कूल में व्याप्त अन्य अव्यवस्थाओं को भी जल्द से जल्द ठीक करने का वादा किया है।
इस घटना ने स्कूली शिक्षा प्रणाली और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और हालांकि स्कूल प्रबंधन ने लिखित माफी मांग ली है, लेकिन एक मां और मासूम बच्ची के साथ हुए इस अपमानजनक व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों में अभी भी रोष व्याप्त है। पुलिस और प्रशासन इस मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि भविष्य में बच्चों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार न हो।
