उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की छवि खराब करने के उद्देश्य से उनकी एक फर्जी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की गई है और इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला मीडिया प्रभारी समेत दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर सांसद की एक आपत्तिजनक और कृत्रिम तस्वीर तैयार की और उसे सार्वजनिक मंचों पर साझा किया। यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें एक महिला जनप्रतिनिधि को निशाना बनाया गया है।
AI तकनीक से छवि धूमिल करने का प्रयास
सांसद प्रिया सरोज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी यह फर्जी तस्वीर उनके मंगेतर और प्रसिद्ध क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ जोड़कर बनाई गई थी। इस तस्वीर को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से इस तरह तैयार किया गया था कि वह वास्तविक प्रतीत हो, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना और सार्वजनिक जीवन में उनकी छवि को धूमिल करना था। सांसद ने आरोप लगाया कि यह कृत्य केवल एक व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि एक महिला जनप्रतिनिधि के विरुद्ध सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उनके चरित्र और आचरण पर सीधा आघात करने के लिए सुनियोजित तरीके से इस कृत्य द्वारा उनकी अपूरणीय क्षति करने की कोशिश की गई है।
बीजेपी नेता और एक अन्य पर केस दर्ज
इस मामले में मछलीशहर लोकसभा सीट से सपा सांसद प्रिया सरोज ने बुधवार को जौनपुर के साइबर क्राइम थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने सांसद की शिकायत पर भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह और एडवोकेट विशाल सिंह को इस कृत्य का मुख्य आरोपी बनाया है। इन दोनों पर अपनी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से सांसद की मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक तस्वीरें पोस्ट करने और उन्हें साझा करने का आरोप है। सांसद प्रिया सरोज ने अपनी शिकायत के साथ उन पोस्ट के यूआरएल और स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे हैं, जो अब जांच में मुख्य साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
सांसद प्रिया सरोज की कड़ी प्रतिक्रिया
मुकदमा दर्ज होने के बाद सांसद प्रिया सरोज ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ 'नकली तस्वीर, नाकाम साजिश' और 'भाजपा फिर से नाकाम' जैसे कैप्शन लिखे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जौनपुर में बीजेपी आईटी सेल के प्रभारी और कुछ अन्य लोगों द्वारा जानबूझकर यह फर्जी माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। प्रिया सरोज के अनुसार, यह भाजपा की राजनीति नहीं बल्कि उनकी हार का डर और घबराहट है जो इस तरह के ओछे कृत्यों के रूप में सामने आ रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस प्रकार की हरकतों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का साहस न कर सके।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस की जांच
सांसद ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में इस बात पर जोर दिया कि वह एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं और सार्वजनिक जीवन में उन्हें निशाना बनाने वाले ऐसे आचरण को किसी भी परिस्थिति में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त और स्पष्ट कार्रवाई से समाज में एक साफ संदेश जाएगा। पुलिस ने सांसद की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल, जौनपुर पुलिस सांसद प्रिया सरोज की शिकायत पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज करते हुए पूरे मामले की गहराई से छानबीन में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस तस्वीर को बनाने के लिए किस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया था। खबर है कि केस दर्ज होने की भनक लगते ही भाजपा नेता आमोद सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित विवादित पोस्ट को हटा दिया है। हालांकि, पुलिस के पास पहले से ही साक्ष्य मौजूद हैं और मामले की जांच जारी है। सांसद ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
