मेहरौली में पांच मंजिला इमारत गिरी: 4 शव बरामद, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

दक्षिण दिल्ली के साकेत में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मलबे से अब तक 9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है।

दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। यह घटना साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब क्षेत्र में हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे से अब तक कुल 4 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली है। हालांकि, अभी भी मलबे के नीचे कई और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण प्रशासन और एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज सैदुलाजाब पहुंचकर घटनास्थल का दौरा किया और वहां चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। रेस्क्यू टीमें बीती रात से ही लगातार मलबे को हटाने और जिंदगियां बचाने के अभियान में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए दक्षिण जिला के डीएम के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के कड़े आदेश दिए हैं। सीएम के निर्देश पर मेहरौली थाने में इस संबंध में मामला भी दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

जर्जर इमारतों और लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आसपास की अन्य जर्जर और खतरनाक इमारतों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के उन सभी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा है जिनकी लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जर्जर निर्माणों को समय रहते चिन्हित किया जाए।

हादसे का विवरण और बचाव अभियान

जानकारी के मुताबिक, सैदुलाजाब स्थित वेस्टर्न मार्ग पर बनी यह बहुमंजिला इमारत अचानक पूरी तरह ढह गई, जिससे चारों तरफ मलबे का ढेर लग गया। दिल्ली फायर सर्विस को इस घटना की सूचना शनिवार शाम 7:44 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही तत्काल 7 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। हादसे के बाद मौके पर कंक्रीट के ढेर, मुड़ी हुई लोहे की सरिए और टूटे हुए खंभे ही नजर आ रहे थे। स्थानीय लोग भी अपनी जान जोखिम में डालकर टॉर्च और मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट की मदद से बचाव कार्य में जुट गए थे और वर्तमान में पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए और सिविल डिफेंस की टीमें संयुक्त रूप से राहत कार्य में लगी हुई हैं।

मेडिकल छात्रों की कैंटीन होने से बढ़ी चिंता

दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी और राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि गिरी हुई इमारत का मलबा पास की दूसरी इमारत पर भी गिरा है, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस इमारत में मेडिकल छात्रों की एक कैंटीन भी संचालित होती थी। इस वजह से मलबे के नीचे कुछ और लोगों के फंसे होने की गंभीर आशंका बनी हुई है। रेस्क्यू टीमें बेहद सावधानी से मलबा हटा रही हैं ताकि अगर कोई जीवित बचा हो तो उसे सुरक्षित निकाला जा सके।