एमएस धोनी का 45वां जन्मदिन: माही के 5 बड़े रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना नामुमकिन है

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक एमएस धोनी आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने अपने करियर में कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनमें तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीतना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक स्टंपिंग शामिल है।

एमएस धोनी, जो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर और दिग्गज बल्लेबाज हैं, आज यानी 7 जुलाई को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्हें दुनिया के सबसे सफल और प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। धोनी को क्रिकेट के मैदान पर उनके बेहद शांत और समझदार व्यवहार के लिए याद किया जाता है, जिसके कारण उन्हें कैप्टन कूल की उपाधि मिली। उनके प्रशंसकों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है। धोनी का पूरा क्रिकेट करियर उपलब्धियों से भरा रहा है और वे हमेशा चर्चा के केंद्र में रहे और हालांकि, उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाइमलाइट से दूर रहना पसंद है, जो उनके अचानक संन्यास लेने के फैसलों से भी स्पष्ट होता है। इसके बावजूद, उन्होंने खेल के मैदान पर ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन्हें पूरी दुनिया सम्मान के साथ याद रखती है। आइए उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके उन 5 शानदार रिकॉर्ड्स पर विस्तार से नजर डालते हैं, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक बड़ी चुनौती है।

सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी का कीर्तिमान

एमएस धोनी के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 332 मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी के दौरान भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 178 मैचों में जीत हासिल की, जबकि 120 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा 6 मैच टाई रहे और 15 मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए। धोनी ने विशेष रूप से 200 वनडे मैचों, 72 टी-20 मैचों और 60 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की है, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।

विकेट के पीछे सबसे ज्यादा स्टंपिंग का विश्व रिकॉर्ड

एमएस धोनी अपनी बिजली जैसी फुर्तीली विकेटकीपिंग के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग करने का अनूठा रिकॉर्ड है। उन्होंने अपने करियर के दौरान खेले गए 538 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 195 बार खिलाड़ियों को स्टंप आउट किया। धोनी के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज स्टंपिंग करने का भी रिकॉर्ड है, जहां उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाड़ी कीमो पॉल को मात्र 0 दशमलव 08 सेकंड में स्टंप कर दिया था। उनके स्टंपिंग के आंकड़ों को देखें तो उन्होंने टेस्ट में 38, वनडे में 120 और टी-20 में 34 बार बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई है।

तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के एकमात्र कप्तान

एमएस धोनी क्रिकेट इतिहास के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में तीन अलग-अलग आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने साल 2007 में पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद साल 2011 में उन्होंने भारत को वनडे वर्ल्ड कप का खिताब दिलाया और साल 2013 में उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। आज तक दुनिया का कोई भी दूसरा कप्तान यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया है, जो धोनी को सबसे सफल कप्तान बनाती है।

विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में वनडे का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर

धोनी ने एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए धोनी ने नाबाद 183 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। अपनी इस आक्रामक पारी में उन्होंने 15 चौके और 10 छक्के जड़े थे। इस पारी के साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जिन्होंने साल 2004 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 172 रन बनाए थे। धोनी का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।