AI स्किल वालों की बढ़ी मांग: कंपनियों ने बदला भर्ती का पैमाना, अब क्वालिटी पर जोर

अपग्रेड रिक्रूट की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियां अब भर्ती के लिए संख्या के बजाय गुणवत्ता और एआई कौशल को अधिक महत्व दे रही हैं, जिससे जॉब मार्केट का स्वरूप बदल रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक तरफ जहां आईटी कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ यह नौकरियों के बाजार में बड़े बदलाव का कारण भी बन रही है। कई दिग्गज आईटी कंपनियों ने एआई का हवाला देते हुए हाल के दिनों में छंटनी की है, लेकिन अब एआई को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है जो नौकरी चाहने वालों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रही है और अपग्रेड की भर्ती इकाई, अपग्रेड रिक्रूट की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां अब बड़े पैमाने पर भर्ती करने के बजाय एआई की समझ रखने वाले, गुणवत्तापूर्ण और विशेष कौशल वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं। यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि अब कंपनियों के लिए कर्मचारियों की संख्या से अधिक उनकी योग्यता मायने रख रही है।

भर्ती के रुझान में बड़ा बदलाव

भारत में कार्य: वित्त वर्ष 2026-27 भर्ती रुझान शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश का नियुक्ति बाजार एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। अब कंपनियां संख्या के बजाय गुणवत्ता आधारित भर्तियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं। यह अध्ययन 12 सेक्टर्स के 11,418 वरिष्ठ मानव संसाधन, प्रतिभा प्रबंधन और कारोबारी अधिकारियों की राय पर आधारित है। अपग्रेड रिक्रूट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हुसैन टिनवाला ने इस बदलाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत का भर्ती परिदृश्य अब संख्या आधारित नहीं बल्कि सटीकता पर केंद्रित हो रहा है और उनके अनुसार, एआई आधारित अर्थव्यवस्था में टिकाऊ वृद्धि इस बात से तय होगी कि कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से सही प्रतिभाओं की पहचान और चयन कैसे करती हैं।

भर्ती लक्ष्यों को पूरा करने में चुनौतियां

रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि लगभग 10 में से 8 कंपनियां अपने निर्धारित भर्ती लक्ष्य हासिल नहीं कर सकीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में चुनौती केवल योग्य प्रतिभा की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भर्ती प्रक्रिया के क्रियान्वयन से भी जुड़ी है। कंपनियां अब केवल पद भरने के लिए भर्ती नहीं कर रही हैं, बल्कि वे ऐसे उम्मीदवारों की तलाश में हैं जो उनकी विशिष्ट तकनीकी जरूरतों को पूरा कर सकें। इस वजह से भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक जटिल और समय लेने वाली हो गई है।

अनुभवी पेशेवरों की बढ़ती मांग

रिपोर्ट के अनुसार, 3 से 8 वर्ष का अनुभव रखने वाले पेशेवर विभिन्न क्षेत्रों में सबसे अधिक मांग वाले कर्मचारी बनकर उभरे हैं। इस अनुभव वर्ग के लोगों को कंपनियां अपनी टीम में शामिल करने के लिए सबसे अधिक उत्सुक हैं और इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) में हो रहे पुनर्गठन के कारण बाजार में अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। यह पुनर्गठन कंपनियों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालने में मदद कर रहा है, जिससे अनुभवी पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

भविष्य का अनुमान और समय सीमा

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भर्ती की स्थिति को लेकर 70 प्रतिशत कंपनियां मानती हैं कि माहौल स्थिर रहेगा। हालांकि, महत्वपूर्ण पदों को भरने में लगने वाला समय अब बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, महत्वपूर्ण पदों को भरने में अब 8 से 12 सप्ताह से लेकर 12 से 20 सप्ताह तक का समय लग रहा है। यह देरी इस बात का प्रमाण है कि कंपनियां अब उम्मीदवारों के चयन में काफी सावधानी बरत रही हैं और केवल उन्हीं को मौका दे रही हैं जो एआई और अन्य आधुनिक कौशलों में निपुण हैं और इस प्रकार, आने वाले समय में केवल वही पेशेवर सफल होंगे जो तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखेंगे।