राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध के इतिहास में आज का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना है। लगभग 20 वर्षों के लंबे और थका देने वाले इंतजार के बाद, आखिरकार बांध से पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बांध के गेटों पर पहुंचकर विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद मंत्रियों ने बटन दबाकर पांचना बांध के गेट खोले, जिससे गंभीर नदी, कमांड क्षेत्र की नहरों और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए एक साथ पानी का प्रवाह शुरू हो गया।
सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास और जीर्णोद्धार
इस अवसर पर केवल पानी ही नहीं छोड़ा गया, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नींव भी रखी गई। पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान 61 करोड़ रुपये की लागत वाली गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही पीडीएन आधारित दो नवीन लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं का भी भूमि पूजन किया गया। इस परियोजना के पूरा होने और बांध से पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों के किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल सकेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
गंगापुर सिटी में किसानों का भारी विरोध और चक्का जाम
जहां एक तरफ करौली में उत्सव का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ सवाई माधोपुर जिले के श्रीगंगापुर सिटी में किसानों के बीच भारी नाराजगी देखी गई और पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर कमांड क्षेत्र के कुसाएं गांव में हजारों की संख्या में किसान और युवा एकत्रित हो गए। किसानों का आरोप है कि करौली के पांचना बांध से तीन गेट तो खोले गए हैं, लेकिन कमांड एरिया की नहरों के लिए जो गेट है, उसे बहुत कम खोला गया है। इस संशय और नाराजगी के चलते किसानों ने गंगापुर सिटी-हिंडौन मार्ग पर कुसाएं गांव के पास चक्का जाम कर दिया। सड़क पर भारी भीड़ जमा होने के कारण प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
बांध के गेटों की तकनीकी स्थिति और किसानों की मांग
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पांचना बांध के तीन गेटों को 1-1 फिट की ऊंचाई तक खोला गया है ताकि गंभीर नदी में पानी का बहाव सुनिश्चित किया जा सके। वहीं, नहरों के गेटों को चाबी के माध्यम से खोलकर कमांड क्षेत्र की ओर सिंचाई के लिए जल प्रवाहित किया गया है और इसके साथ ही पुरानी गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के पंप हाउस का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। हालांकि, किसान इस बात से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि अगर कमांड एरिया के गेट पर्याप्त रूप से नहीं खोले गए, तो नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचना मुश्किल होगा। कुसाएं गांव में किसानों का प्रदर्शन खबर लिखे जाने तक जारी था, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी शामिल हुए।
