राजस्थान में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है, जिसके परिणामस्वरूप मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। विशेष रूप से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में मानसून का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा। यह बदलाव राज्य के मौसम चक्र में एक महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि मानसूनी बादल अब मरुस्थलीय राज्य के विभिन्न कोनों में अपनी पहुंच बना रहे हैं।
इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस सूची में राजधानी जयपुर के साथ-साथ अजमेर, ब्यावर, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मध्यम से लेकर तेज बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है और इसके अलावा, इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। विभाग ने यह भी बताया है कि बूंदी जिले के कुछ हिस्सों में भी बारिश और आंधी की स्थिति बनी रह सकती है। ऑरेंज अलर्ट इन विशिष्ट स्थानों पर अपेक्षित मौसम की स्थिति की तीव्रता के कारण संभावित व्यवधानों की चेतावनी के रूप में कार्य करता है।
अलवर से उदयपुर तक येलो अलर्ट का विस्तार
ऑरेंज अलर्ट के साथ-साथ, मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है और इस अलर्ट के दायरे में अलवर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां और झालावाड़ जैसे जिले आते हैं। इसके अतिरिक्त, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, नागौर, पाली, राजसमंद, उदयपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और डीडवाना-कुचामन जिलों में भी येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना जताई गई है। यह व्यापक अलर्ट बताता है कि मानसून राज्य के लगभग हर कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
5 जुलाई तक के मौसम का पूर्वानुमान
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि 2 जुलाई से 5 जुलाई के बीच मानसून की गतिविधियां और अधिक तीव्र हो सकती हैं। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है और विशेष रूप से कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। अगले 4 से 5 दिनों का यह समय राज्य के पूर्वी हिस्सों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि यहां बारिश की गतिविधियों में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा सकती है। विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है क्योंकि मानसून की ट्रफ रेखा इस क्षेत्र से गुजर रही है।
जोधपुर और बीकानेर में उमस और गर्मी का प्रकोप
जहां एक ओर पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर शुरू हो चुका है, वहीं राज्य के पश्चिमी हिस्सों में स्थिति इसके विपरीत बनी हुई है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में अगले 3 से 4 दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। तापमान के साथ-साथ हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी का स्तर भी अधिक रहेगा, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति इन संभागों के निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है, क्योंकि यहां फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं। उच्च आर्द्रता का स्तर स्थानीय आबादी के लिए तब तक परेशानी बढ़ाएगा जब तक कि मानसूनी बादल अंततः इन पश्चिमी हिस्सों तक नहीं पहुंच जाते।
