मुकेश अंबानी लाएंगे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ, जून में हो सकता है लॉन्च

रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होने वाला है, जिसकी वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी कर रहे हैं। रिलायंस की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार है। बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है। कंपनी की वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से लेकर 180 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है, जो इसे वैश्विक स्तर पर एक बड़ी तकनीकी कंपनी के रूप में स्थापित करता है। हालांकि इस आईपीओ के लॉन्च की तारीख को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार में ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि यह अगले महीने जून में लॉन्च हो सकता है। कंपनी जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर सकती है।

37,500 करोड़ रुपये तक का हो सकता है आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह इस आंकड़े को छूता है, तो यह भारतीय बाजार के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। तुलनात्मक रूप से देखें तो हुंडई मोटर इंडिया ने साल 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो उस समय का सबसे बड़ा आईपीओ था। रिलायंस की वार्षिक आम बैठक 2025 के दौरान मुकेश अंबानी ने संकेत दिया था कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा। रिलायंस द्वारा गुरुवार को जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट में अंबानी ने स्पष्ट किया कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है ताकि इसे एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाया जा सके।

मुकेश अंबानी का रणनीतिक दृष्टिकोण

" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ मूल्य सृजन के सिद्धांत को कायम रखना है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने यह भी उल्लेख किया कि जैसे-जैसे आईपीओ के लिए घोषित समयसीमा नजदीक आ रही है, जियो प्लेटफॉर्म्स में व्यापक हितधारक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और कंपनी का लक्ष्य न केवल पूंजी जुटाना है, बल्कि अपने निवेशकों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करना भी है।

मेटा और गूगल की हिस्सेदारी और वित्तीय प्रदर्शन

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में रिलायंस इंडस्ट्रीज की वर्तमान हिस्सेदारी 66 दशमलव 43 प्रतिशत है। इस कंपनी में केवल रिलायंस ही नहीं, बल्कि दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनियां जैसे मेटा और गूगल भी हिस्सेदार हैं, जो इसकी वैश्विक साख को दर्शाती हैं। कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी इसकी मजबूती की गवाही देते हैं और वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 30,053 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि इससे पिछले साल यह 26,120 करोड़ रुपये था। इसी अवधि के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व (ऑपरेशनल रेवेन्यू) 14 दशमलव 5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी आईपीओ के लिए पूरी तरह से तैयार है और बाजार में इसकी मांग काफी अधिक रहने वाली है।