मुकेश अंबानी की जीरो सैलरी: रिलायंस चेयरमैन ने छठे साल भी नहीं लिया वेतन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी कोई वेतन नहीं लेने का फैसला किया है। यह लगातार छठा साल है जब उन्होंने अपनी सैलरी छोड़ी है। उनके बच्चों को भी वेतन नहीं मिल रहा है, जबकि अंबानी की कमाई का मुख्य जरिया डिविडेंड बना हुआ है।

एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी से इस साल भी कोई सैलरी नहीं लेने का फैसला किया है। कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी ने वित्त वर्ष 2025-26 में वेतन, भत्ते, सुविधाओं और सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में कोई भी राशि नहीं ली है। यह लगातार छठा साल है जब मुकेश अंबानी ने एक भी रुपये की सैलरी नहीं ली है। उनका यह निर्णय कंपनी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व शैली को दर्शाता है, जहां वह व्यक्तिगत लाभ से ऊपर कंपनी के हितों को रखते हैं।

वेतन छोड़ने के पीछे का इतिहास और कारण

मुकेश अंबानी ने वेतन न लेने का यह सिलसिला कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किया था। इससे पहले, वित्त वर्ष 2008-09 से लेकर 2019-20 तक उन्होंने अपने वार्षिक पारिश्रमिक को 15 करोड़ रुपये पर सीमित रखा था। उन्होंने यह सीमा प्रबंधकीय पारिश्रमिक स्तरों में संयम का उदाहरण पेश करने के लिए तय की थी और हालांकि, वित्त वर्ष 2020-21 में महामारी के दस्तक देने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से अपना पूरा वेतन छोड़ दिया। उन्होंने तब यह संकल्प लिया था कि जब तक रिलायंस और उसके सभी व्यवसाय अपनी पूर्ण कमाई क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, तब तक वह कोई पारिश्रमिक नहीं लेंगे। इसी स्वैच्छिक निर्णय को उन्होंने वित्त वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और अब 2025-26 में भी जारी रखा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शानदार प्रदर्शन

मुकेश अंबानी का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्तीय मोर्चे पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 95,754 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया है। इसके साथ ही कंपनी का कुल बाजार मूल्य 18 लाख 19 हजार करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। लगभग 100 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दुनिया के 21वें सबसे अमीर व्यक्ति होने के बावजूद, अंबानी कंपनी से वेतन के रूप में कुछ भी नहीं ले रहे हैं।

कमाई का मुख्य जरिया: डिविडेंड आय

सैलरी न लेने के बावजूद मुकेश अंबानी की कमाई का मुख्य स्रोत लाभांश यानी डिविडेंड आय बना हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी सीधे तौर पर 1 करोड़ 61 लाख शेयर की हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी ने 6 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की घोषणा की थी। इस आधार पर मुकेश अंबानी को 9 करोड़ 66 लाख रुपये की लाभांश आय प्राप्त हुई। यह आय सीधे तौर पर कंपनी के प्रदर्शन और शेयरधारकों को मिलने वाले लाभ से जुड़ी हुई है।

अन्य अधिकारियों और परिजनों का पारिश्रमिक

वार्षिक रिपोर्ट में कंपनी के अन्य प्रमुख अधिकारियों के वेतन का भी विवरण दिया गया है। मुकेश अंबानी के चचेरे भाई निखिल मेसवानी और हितल मेसवानी का पारिश्रमिक 25 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा है। इस राशि में उनका वेतन, भत्ते, सेवानिवृत्ति लाभ और मुनाफे पर मिलने वाला कमीशन शामिल है। वहीं, कार्यकारी निदेशक पी एम एस प्रसाद के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में उनका पारिश्रमिक बढ़कर 20 करोड़ 58 लाख रुपये हो गया, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में 19 करोड़ 96 लाख रुपये था।

अगली पीढ़ी की भूमिका और नियुक्तियां

अक्टूबर 2023 में मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी को रिलायंस के निदेशक मंडल में शामिल किया गया था। अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए, उन्हें भी इस भूमिका के लिए कोई निश्चित वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्हें केवल बोर्ड की बैठकों में शामिल होने के लिए बैठक शुल्क और मुनाफे पर कमीशन दिया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, आकाश और ईशा अंबानी को 5 लाख रुपये बैठक शुल्क के रूप में और 2 करोड़ 50 लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले हैं। मुकेश अंबानी स्वयं 1977 से रिलायंस के निदेशक मंडल में हैं और 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद चेयरमैन बने थे। वर्ष 2023 में उन्हें अप्रैल 2029 तक पांच साल के लिए फिर से रिलायंस का प्रमुख नियुक्त किया गया है और इस दौरान भी उन्होंने वेतन न लेने का अपना फैसला बरकरार रखा है।