मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर भीषण हादसा: बारातियों से भरे ट्रक और कंटेनर की टक्कर में 12 की मौत

पालघर के दहानू तालुका में मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 लोगों की जान चली गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा बारातियों से भरे ट्रक और एक कंटेनर के बीच हुआ।

पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह भीषण दुर्घटना दहानू तालुका के धानीवरी क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 4 बजे हुई। हादसे में बारातियों से भरा एक आयशर ट्रक और एक भारी कंटेनर वाहन आपस में टकरा गए। इस जबरदस्त भिड़ंत की चपेट में एक दोपहिया वाहन भी आ गया, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

हादसे का विवरण और भीषण टक्कर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारातियों से भरा आयशर ट्रक शादी समारोह के लिए जा रहा था। जब यह ट्रक धानीवरी पहुंचने के बाद खड़कीपाड़ा की ओर मुड़ रहा था, तभी मुंबई की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी और टक्कर इतनी भयानक थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा वाहन से अलग होकर सीधे बारातियों के ट्रक पर जा गिरा। इस वजह से ट्रक में सवार कई लोग कंटेनर के भारी मलबे के नीचे दब गए, जिससे मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।

मृतकों और घायलों की संख्या

इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में बाइक पर सवार दो लोग भी शामिल हैं जो इस दुर्घटना की चपेट में आ गए थे। अन्य 10 मृतक ट्रक में सवार थे। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त ट्रक में 40 से ज्यादा लोग सवार थे। इस घटना में 30 से 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

खुशियों के माहौल में पसरा मातम

यह बारात दहानू तालुका के बापूगांव से धानीवरी के लिए निकली थी। सबसे दुखद बात यह रही कि यह हादसा दुल्हन के घर के बिल्कुल करीब ही हुआ। शादी की रस्मों और जश्न की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अचानक मातम पसर गया।

राहत कार्य और चिकित्सा सहायता

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और राहगीरों ने बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए कासा उपजिला अस्पताल भेजा गया और गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें धुंदलवाडी के वेदांत अस्पताल और गुजरात के विभिन्न अस्पतालों में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। इस समय कासा अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा है और डॉक्टर युद्धस्तर पर घायलों की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हाईवे पर यातायात को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।