भारत के स्टार जैवलिन थ्रो खिलाड़ी और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने खेल प्रेमियों को एक बड़ा झटका दिया है। नीरज चोपड़ा चोट की वजह से इस साल के बाकी बचे सभी मैचों से नाम वापस ले चुके हैं। वे अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके साथ ही वे डायमंड लीग फाइनल्स से भी बाहर हो गए हैं। एशियन गेम्स में उनसे स्वर्ण पदक की बड़ी उम्मीद थी, इसलिए उनका बाहर होना भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। नीरज चोपड़ा ने खुद इस खबर की पुष्टि की है कि वे अब इस सीजन के किसी भी मुकाबले में नजर नहीं आएंगे।
सोशल मीडिया पर साझा किया दर्द
नीरज चोपड़ा ने सोशल मीडिया के जरिए इस खबर की जानकारी अपने प्रशंसकों के साथ साझा की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में विस्तार से बताया कि आखिर उन्हें यह कठिन फैसला क्यों लेना पड़ा। चोपड़ा ने कन्फर्म किया कि चोट के कारण उन्हें और उनकी टीम को अपना सीजन यहीं खत्म करना पड़ा है और उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि दुर्भाग्य से ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में लिगामेंट फट गया। इस चोट के बाद उन्होंने अपने डॉक्टर और अपनी विशेषज्ञ टीम से विस्तार से बातचीत की। टीम और डॉक्टरों के साथ हुई इस चर्चा के बाद यह तय किया गया कि भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए वे इस सीजन के बाकी बचे किसी भी इवेंट में हिस्सा नहीं लेंगे।
डायमंड लीग फाइनल्स में बनाई थी जगह
नीरज चोपड़ा के लिए यह खबर इसलिए भी दुखद है क्योंकि उन्होंने शुक्रवार को ही अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर डायमंड लीग फाइनल्स में अपनी जगह पक्की की थी। उनके नाम के आगे क्वालिफाई होने का क्यू (Q) मार्क भी लग गया था। ज्यूरिख में हुए मैच में न खेलने के बावजूद वे फाइनल्स की रेस में काफी आगे चल रहे थे। लेकिन फाइनल में जगह बनाने के अगले ही दिन उन्हें अपनी चोट के कारण बाकी बचे सभी टूर्नामेंट्स से हटने का फैसला लेना पड़ा। उनका यह फैसला प्रशंसकों के लिए काफी चौंकाने वाला रहा है क्योंकि सभी को उम्मीद थी कि वे डायमंड लीग के फाइनल में भारत का परचम लहराएंगे।
सीजन के आंकड़े और प्रदर्शन
इस साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग के दोहा और लुसाने मुकाबलों में खेलकर कुल 12 पॉइंट्स कमाए थे। स्विट्जरलैंड के लुसाने में हुए मैच में उन्होंने इस सीजन का अपना सबसे बेहतरीन 88 दशमलव 05 मीटर का थ्रो फेंका था। हालांकि, इतने शानदार थ्रो के बावजूद वे महज 9 सेंटीमीटर के मामूली अंतर से पहले नंबर पर आने से चूक गए थे और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इससे पहले साल 2026 में उन्होंने दोहा डायमंड लीग में हिस्सा लिया था जहां वे चौथे स्थान पर रहे थे और कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था। इन दोनों ही टूर्नामेंट में वे 86 मीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाए थे। अब चोट के कारण उनके इस सीजन का सफर यहीं समाप्त हो गया है।
