खेल प्रेमियों के लिए उत्साह और इंतजार का समय अब समाप्त होने के बेहद करीब पहुंच गया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भव्य आगाज में अब गिनती का महज 1 दिन शेष रह गया है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की शुरुआत गुरुवार यानी 23 जुलाई 2026 से होने जा रही है। हर बार की तरह इस बार भी पूरे देश की निगाहें और उम्मीदें भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पर टिकी हुई हैं। देशवासी इस उम्मीद में बैठे हैं कि नीरज एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर तिरंगा लहराएंगे और भारत की झोली में एक और चमचमाता स्वर्ण पदक डालेंगे। नीरज की पिछली सफलताओं ने प्रशंसकों की उम्मीदों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
नीरज चोपड़ा का पूरा शेड्यूल और पदक का सफर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान नीरज चोपड़ा पहली बार 30 जुलाई 2026 को मैदान पर अपनी ताकत दिखाते हुए नजर आएंगे। इस दिन वह पुरुष जैवलिन थ्रो के क्वालिफिकेशन राउंड में हिस्सा लेंगे। यदि नीरज अपनी पुरानी लय को बरकरार रखते हुए इस राउंड में सफलता प्राप्त करते हैं, तो वह पदक की दौड़ के अंतिम चरण में पहुंच जाएंगे। जैवलिन थ्रो का सबसे महत्वपूर्ण यानी फाइनल मुकाबला 1 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह दो दिन नीरज चोपड़ा के करियर और भारतीय खेल इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं, क्योंकि पूरा देश उनके एक और ऐतिहासिक थ्रो का इंतजार कर रहा है।
रोहित यादव की उभरती चुनौती और भारतीय दावेदारी
इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में केवल नीरज चोपड़ा ही भारत की एकमात्र उम्मीद नहीं हैं, बल्कि एक और भारतीय खिलाड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। हाल के दिनों में अपने शानदार और निरंतर प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले युवा एथलीट रोहित यादव पर भी देश की नजरें बनी हुई हैं। रोहित यादव ने अपनी कड़ी मेहनत से खुद को एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी के रूप में तैयार किया है। टूर्नामेंट के दौरान रोहित यादव न केवल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बल्कि नीरज चोपड़ा को भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देते हुए नजर आ सकते हैं। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह गर्व की बात है कि जैवलिन थ्रो में भारत के पास अब एक से अधिक पदक के दावेदार मौजूद हैं।
अर्शद नदीम और पथिरागे से मिलेगी कड़ी टक्कर
नीरज चोपड़ा के लिए स्वर्ण पदक तक पहुंचने का रास्ता चुनौतियों से भरा होने वाला है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई दिग्गज खिलाड़ियों का सामना करना पड़ेगा। पाकिस्तान के अर्शद नदीम, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था, नीरज के लिए सबसे बड़ी चुनौती होंगे। इसके अलावा श्रीलंका के उभरते हुए सितारे रुमेश थरंगा पथिरागे भी इस दौड़ में शामिल हैं। पथिरागे ने रोम डायमंड लीग 2026 में 92 दशमलव 62 मीटर दूर भाला फेंककर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी ने इस प्रतियोगिता को और भी रोमांचक और कठिन बना दिया है, जहां हर एक सेंटीमीटर की दूरी पदक का रंग बदल सकती है।
भारत में कहां और कैसे देखें लाइव मुकाबला
भारतीय खेल प्रेमियों के लिए नीरज चोपड़ा और अन्य एथलीटों के प्रदर्शन को लाइव देखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। देश में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स चैनल पर किया जाएगा। इसके अलावा जो प्रशंसक इंटरनेट के माध्यम से खेलों का आनंद लेना चाहते हैं, वे ईएसपीएन के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जाकर लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं और पल-पल के अपडेट्स प्राप्त कर सकते हैं। पूरा देश इस समय एकजुट होकर अपने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए तैयार है ताकि भारत इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदकों का नया कीर्तिमान स्थापित कर सके।
