कश्मीर में लश्कर की साजिश पर एनआईए का बड़ा प्रहार, 10 ठिकानों पर छापेमारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 10 स्थानों पर छापेमारी की है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आज जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के विरुद्ध एक निर्णायक कार्रवाई करते हुए 10 विभिन्न स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाकिस्तान में सक्रिय हैंडलर्स और उनके स्थानीय 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGWs) के नेटवर्क द्वारा रची गई सीमा-पार आतंकी साजिश के सिलसिले में की गई है।

छापेमारी के प्रमुख केंद्र और उद्देश्य

एनआईए की टीमों ने कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यह तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आतंकी साजिश से जुड़े और अधिक पुख्ता सबूत जुटाना था। इसके साथ ही, उन लोगों की भूमिका की पहचान करना भी प्राथमिकता रही जो घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को रसद, रसद आपूर्ति और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान कर रहे थे। एनआईए का लक्ष्य उस पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करना है जो आतंकवादियों की आवाजाही और उनकी गतिविधियों में मदद करता है।

कानूनी कार्यवाही और एफआईआर का विवरण

इस मामले की शुरुआत श्रीनगर के ज़कूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 0024/2026 से हुई थी। मामले की गंभीरता और इसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए एनआईए ने इसे अपने हाथ में लिया और इसे RC-02/2026/NIA/JMU के रूप में फिर से दर्ज किया। यह पूरी जांच यूए(पी) एक्ट 1967 की धारा 23, आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 7 और 25, तथा एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 की धारा 4 के तहत की जा रही है।

जांच की शुरुआत: गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी

यह पूरी जांच 31 मार्च 2026 की देर रात एक नाका पॉइंट पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ओजीडब्ल्यू (OGW) की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई थी। उस समय तलाशी के दौरान उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद की गई पूछताछ और जांच में इस साजिश में शामिल पाकिस्तानी नागरिकों की संलिप्तता सामने आई और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की पहचान हुई, जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे।

आतंकी नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका

अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तान में बैठे लश्कर हैंडलर्स और उनके स्थानीय सहयोगियों के बीच गहरा संबंध है। इन स्थानीय सहयोगियों का उपयोग घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के साथ निरंतर बातचीत करने, उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, उन्हें छिपाने के लिए ठिकाने उपलब्ध कराने, संभावित ठिकानों की रेकी करने और अन्य लॉजिस्टिकल मदद देने के लिए किया जा रहा था। एनआईए अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जाने के लिए आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, उनके बातचीत के गुप्त तरीकों, उनकी आवाजाही के पैटर्न और हथियारों व विस्फोटकों की सप्लाई चेन की भी बारीकी से जांच कर रही है।

सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ निरंतर अभियान

आज की गई छापेमारी एनआईए की उस व्यापक जांच का हिस्सा है जो सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले बड़े नेटवर्क के खिलाफ चल रही है। छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इन जब्त किए गए सामानों की जांच की जा रही है और पहले से मौजूद सबूतों के साथ इनका मिलान किया जा रहा है। एनआईए इस साजिश में शामिल हर एक व्यक्ति की पहचान करने और उनकी भूमिका को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच के दौरान मिलने वाले नए तथ्यों के आधार पर आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां और बरामदगी संभव है।