एम्स दिल्ली की पूर्व छात्रा निशा मेहता बनीं नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री

एम्स दिल्ली से नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली निशा मेहता को नेपाल का नया स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सांसद मेहता के सामने नेपाल की चरमराती स्वास्थ्य बीमा योजना और वित्तीय संकट को दूर करने की बड़ी चुनौती है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली की पूर्व छात्रा निशा मेहता को नेपाल का नया स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की सांसद मेहता ने नर्सिंग पेशेवर से कैबिनेट मंत्री तक का सफर तय किया है। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब नेपाल का स्वास्थ्य ढांचा और विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना गंभीर वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही है। निशा मेहता का भारत के साथ गहरा शैक्षणिक और पेशेवर संबंध रहा है, जो उनके राजनीतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि के रूप में देखा जा रहा है।

निशा मेहता ने 27 मार्च को नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। वह प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। मेहता की राजनीतिक यात्रा आरएसपी के शुरुआती दिनों से शुरू हुई थी, जहां उन्होंने एक सामान्य सदस्य के रूप में कार्य किया। 2022 के आम चुनावों के दौरान पार्टी ने उन्हें आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में शामिल किया था, हालांकि उस समय वह संसद में स्थान नहीं बना सकी थीं। वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद, उन्हें नई पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में संघीय संसद में स्थान मिला और अब स्वास्थ्य मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भारत से गहरा शैक्षणिक संबंध और एम्स का अनुभव

निशा मेहता की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भारत की राजधानी दिल्ली से जुड़ी हुई है। उन्होंने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से संबद्ध नर्सिंग महाविद्यालय से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। मेहता ने वर्ष 2006 से 2010 के दौरान एम्स से नर्सिंग में मास्टर डिग्री पूरी की। एम्स जैसे संस्थान में प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव ने उनके पेशेवर दृष्टिकोण को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई है और भारत में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वह नेपाल लौट गईं और वहां के स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान देना शुरू किया।

नेपाल में पेशेवर और प्रशासनिक करियर

नेपाल लौटने के बाद निशा मेहता ने बिराटनगर स्थित बिराट टीचिंग हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दीं। नर्सिंग क्षेत्र में उनके अनुभव ने उन्हें जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों को समझने में मदद की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कोशी क्षेत्र में ‘नेपाल पुलिस वाइव्स एसोसिएशन’ की प्रशासनिक सचिव के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पद पर रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। उनके इस प्रशासनिक अनुभव को अब स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम का गंभीर वित्तीय संकट

नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेपाल के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम को बचाना है। यह कार्यक्रम नागरिकों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन वर्तमान में यह गहरे वित्तीय संकट में है। पूर्व स्वास्थ्य सचिव टंका बराकोटी के अनुसार, इस बीमा योजना में तत्काल सुधार और पुनर्गठन की आवश्यकता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस योजना के लिए स्थायी वित्तपोषण का स्रोत नहीं खोजा गया, तो इसे जारी रखना असंभव हो सकता है।

बजट आवंटन और बकाया भुगतान की स्थिति

नेपाल सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम हेतु 10 अरब रुपये आवंटित किए थे। हालांकि, स्वास्थ्य बीमा बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष के बकाया भुगतानों को निपटाने के लिए ही लगभग 11 अरब रुपये की आवश्यकता थी। सरकार द्वारा दिए गए 1 अरब रुपये के अतिरिक्त अनुदान के बावजूद, पूरी राशि पुराने बकायों को चुकाने में ही खर्च हो गई। 5 अरब रुपये के आसपास है, जबकि कार्यक्रम का मासिक खर्च 2 अरब रुपये और वार्षिक खर्च लगभग 24 अरब रुपये तक पहुंच गया है। इस भारी अंतर को पाटना मेहता के कार्यकाल की प्राथमिक परीक्षा होगी।