हनोई: वियतनाम में कोरोना वायरस का एक अलग तरह का वेरिएंट मिला है जो भारत और ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस का मिला-जुला रूप है, जिसके चलते इसे हाइब्रिड स्ट्रेन कहा जा रहा है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि ने एक समाचार पत्र से बातचीत में साफ कर दिया है कि जिस कोरोना वायरस के वेरिएंट को भारत और ब्रिटेन से आए वायरस का नया हाइब्रिड स्ट्रेन कहा जा रहा था, वो दरअसल भारतीय कोरोना वायरस स्ट्रेन का एक हिस्सा है।
एक इंटरव्यू के दौरान किडोंग पार्क ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकलन के हिसाब से इस वक्त वियतनाम में कोरोना वायरस को कोई भी नया हाइब्रिड स्ट्रेन नहीं हैं। साथ ही उन्होंने बताया की वियतनाम में जो भी कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है, वो भारत के मौजूदा वायरस का ही डेल्टा स्ट्रेन है।
विश्व के किन देशों में मिला नया स्ट्रेन
वैज्ञानिकों के आंकलन के अनुसार कोई भी वायरस जैसे-जैसे दोेबारा बदल कर सामने आ रहा है, उसमें जेनेटिक बदलाव भी होने लगते हैं। चीन में मिले कोरोना वायरस के भी नए वेरियंट सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ब्रिटेन, भारत, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में मिले कोरोना वायरस के वेरिएंट को चिंताजनक बताया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना के बी.1.617 स्ट्रेन का बी.1.617.2 वैरिएंट ही अब चिंता का विषय (वैरिएंट आफ कंसर्न-वीओआइ) है। इसे ही डेल्टा वैरिएंट नाम दिया गया है। डेल्टा वैरिएंट के दुनियाभर में लगातार तेजी से फैलने के मामले सामने आ रहे हैं जिसकी वजह से डब्ल्यूएचओ इससे चिंतित है और इसके संबंध में लगातार अध्ययन कर रहा है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि दो अन्य वैरिएंट बी.1.617.1 और बी.1.617.3 की संक्रमण दर अब काफी कम हो गई है। बता दें कि बी.1.617 को 11 मई को वैश्विक चिंता का वैरिएंट घोषित किया गया था। यह सबसे पहले भारत में मिला था। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एक जून तक कोरोना का डेल्टा वैरिएंट दुनिया के 62 देशों में फैल चुका है।
