हिंदी फिल्म जगत के लिए एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन हो गया है। 76 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। पहलाज निहलानी पिछले काफी समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और मुंबई के विलेपार्ले स्थित नानावटी अस्पताल में उनका लंबा इलाज चला था।
अस्पताल में बिताए 28 दिन
पहलाज निहलानी की सेहत पिछले कुछ महीनों से लगातार बिगड़ रही थी। बीमारी के चलते उन्हें नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे कुल 28 दिनों तक उपचाराधीन रहे। इस दौरान डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही थी। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनके पुराने मित्र और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा भी उनसे मिलने पहुंचे थे। हालांकि, इस मुलाकात को पूरी तरह से निजी रखा गया था और इसके बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी और कुछ दिन पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी थी, जिसके बाद वे अपने घर लौट आए थे। घर वापसी के कुछ ही समय बाद उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके पूर्व साथी शशि शेखर ने इस दुखद खबर की आधिकारिक पुष्टि की है।
गोविंदा के करियर के सूत्रधार
जब-जब बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा के करियर की बात होगी, तब-तब पहलाज निहलानी का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाएगा। पहलाज निहलानी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने गोविंदा की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अपनी फिल्म इल्जाम से बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक दिया। इस फिल्म के साथ ही गोविंदा के शानदार फिल्मी सफर की शुरुआत हुई थी। निहलानी ने न केवल उन्हें लॉन्च किया, बल्कि उनके साथ कई ऐसी फिल्में बनाईं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
90 के दशक में बॉक्स ऑफिस पर दबदबा
पहलाज निहलानी हिंदी कमर्शियल सिनेमा के एक ऐसे निर्माता थे जिन्होंने दर्शकों की नब्ज को बखूबी पहचाना था। खासकर 80 और 90 के दशक में उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं।
इंडस्ट्री में शोक की लहर
पहलाज निहलानी के निधन से बॉलीवुड ने एक ऐसा फिल्मकार खो दिया है जिसने सिनेमा को व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके जाने की खबर मिलते ही फिल्म जगत की तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है। वे न केवल एक सफल निर्माता थे, बल्कि उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। उनके निधन को फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
