अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी संघर्ष जारी है। शुक्रवार रात हुए हमलों में तालिबान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तान के बाजौर जिले और राजधानी इस्लामाबाद को निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में 40 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों की जान गई है और कई सैन्य ठिकानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर गोलाबारी और हवाई हमलों में तेजी आई और अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को पाकिस्तान द्वारा पक्तिया प्रांत में किए गए हवाई हमलों का जवाब बताया है।
बाजौर जिले में टीटीपी का बड़ा सैन्य हमला
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित बाजौर जिले में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। स्थानीय सूत्रों और टीटीपी के दावों के अनुसार, इस अचानक किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के लगभग 40 सैनिक मारे गए हैं। बाजौर जिला लंबे समय से उग्रवाद का केंद्र रहा है और इसकी भौगोलिक स्थिति अफगानिस्तान की सीमा से सटी हुई है। अफगान तालिबान ने भी इस हमले में सहयोग का दावा किया है और कहा है कि उन्होंने कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इससे पहले भी शुक्रवार को तालिबान ने 55 सैनिकों को मार गिराने का दावा किया था, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है।
इस्लामाबाद में ड्रोन हमले और सैन्य ठिकानों को नुकसान
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी वायु सेना ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर सुइसाइड ड्रोन से हमले किए हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वाराजमी के अनुसार, ये हमले इस्लामाबाद के फैजाबाद क्षेत्र के पास एक सैन्य कैंप, नौशेरा में सैन्य मुख्यालय और एबटाबाद जैसे संवेदनशील ठिकानों पर केंद्रित थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में इस्लामाबाद के बाहरी इलाकों में आग की लपटें और धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती हैं। अफगान पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान नागरिकों को निशाना बनाने के विरोध में की गई है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन ड्रोन हमलों की आधिकारिक पुष्टि और नुकसान के सटीक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है।
ऑपरेशन 'रेड अल-जुल्म' और सीमा पर युद्ध की स्थिति
इस्लामिक अमीरात (तालिबान) ने पाकिस्तानी सैन्य शासन के खिलाफ अपने इस जवाबी अभियान को 'रेड अल-जुल्म' का नाम दिया है। इस ऑपरेशन के तहत अफगानिस्तान ने सीमा पर भारी तोपखाने और आधुनिक हथियारों का उपयोग शुरू कर दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव उस समय 'ओपन वॉर' जैसी स्थिति में बदल गया जब पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे अफगान शहरों पर हवाई हमले किए। तालिबान का कहना है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है क्योंकि दोनों ओर से भारी गोलाबारी जारी है।
सऊदी अरब की मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयास
इस भीषण संघर्ष के बीच अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की और बातचीत के दौरान सऊदी अरब ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। प्रिंस फैसल ने जोर दिया कि मतभेदों को संवाद और राजनीतिक माध्यमों से हल किया जाना चाहिए और अफगान विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षात्मक कार्रवाई केवल रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए है और वे क्षेत्रीय स्थिरता चाहते हैं। सऊदी अरब ने आश्वासन दिया है कि वह शांति बहाली के लिए अपने राजनयिक प्रयास जारी रखेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता यह सैन्य टकराव दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। टीटीपी की बढ़ती सक्रियता और अफगान तालिबान के साथ उनके कथित सहयोग ने इस्लामाबाद की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सीमा पर जारी इस गोलाबारी से न केवल सैन्य नुकसान हो रहा है, बल्कि व्यापारिक मार्ग भी बाधित हो गए हैं। तोरखम और चमन जैसे प्रमुख सीमा मार्ग बंद होने से दोनों देशों के बीच व्यापार ठप है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच पूर्ण युद्ध क्षेत्र की स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
تازه خبر!
— Rohullah Alizai (@alizai_rohullah) February 27, 2026
د پاکستان په باجوړ ولایت کې
د پاکستاني طالبانو دسرتېري ځواک ځواکونو یو ناڅاپي سرتېري برید ترسره کړ، چې
د لومړنیو معلوماتو په اساس د دې برید په پایله کې شاوخوا ۴۰ تنه د پاکستاني رژیم پوځیان هلاک شوي دي pic.twitter.com/6V1uQ5VvrH
💥💥🚀🚀🚨اسلام آباد آگ کی لپیٹ میں ہے!
— Daily Kabul News (@KaDailyNews) February 28, 2026
ایک بار پھر، جب پاکستانی حکومت نے صوبہ پکتیا میں شہریوں کو نشانہ بنایا، تو افغان فضائیہ نے خودکش ڈرون حملوں کے ذریعے پاکستان کے دارالحکومت اسلام آباد کو شدید حملوں کی زد میں لے لیا۔
ویڈیو میں دکھایا گیا ہے کہ اسلام آباد میں حساس اہداف کو… pic.twitter.com/DP3j4lkfRn
