पश्चिम एशिया संघर्ष: पाकिस्तान ने शांति वार्ता के लिए इस्लामिक देशों की बैठक बुलाई

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की। इस कूटनीतिक पहल का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को कम करना और सऊदी अरब के साथ चौपक्षीय शिखर सम्मेलन की रूपरेखा तैयार करना है।

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को इस्लामाबाद में पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट पर चर्चा करने के लिए मिस्र और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कूटनीतिक प्रयास सऊदी अरब सहित एक चौपक्षीय शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित किए गए हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष को समाप्त करने और शांति वार्ता के लिए साझा मंच तैयार करना है।

द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा

विदेश कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इशाक डार और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष नवंबर में हुई उच्च-स्तरीय यात्राओं के बाद से संबंधों में आई सकारात्मक गति पर संतोष व्यक्त किया। बैठक के दौरान व्यापार, सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी और अधिकारियों ने बताया कि दोनों देशों के बीच यह संवाद क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गाजा और वेस्ट बैंक की स्थिति पर रुख

बैठक के दौरान पाकिस्तान ने फिलिस्तीनी लोगों के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराया। विदेश मंत्री डार ने गाजा और वेस्ट बैंक में जारी सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा की। उन्होंने गाजा के नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुँचाने में मिस्र द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की और पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के मुद्दे को उठाना जारी रखेगा। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के भीतर निकट समन्वय बनाए रखने का निर्णय लिया है।

चौपक्षीय शिखर सम्मेलन की तैयारी

इस्लामाबाद में आयोजित इन बैठकों को एक बड़े कूटनीतिक ढांचे के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद भी इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पाकिस्तान पहुँच रहे हैं। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ भी डार ने अलग से चर्चा की है। यह चौपक्षीय समूह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए एक सामूहिक रणनीति विकसित करने पर काम कर रहा है और पाकिस्तान इस समय खुद को इस्लामिक देशों के बीच एक मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।

आंतरिक चुनौतियां और कूटनीतिक सक्रियता

पाकिस्तान की यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में देखी जा रही है जब वह स्वयं आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। अफगानिस्तान सीमा पर तनाव और बलूचिस्तान में सुरक्षा संबंधी समस्याओं के बावजूद, इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की मध्यस्थता से जुड़ी चर्चाओं को साझा किए जाने के बाद पाकिस्तान ने इन प्रयासों में तेजी ला दी है।