असम चुनाव 2026: मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस की पांच गारंटियों की घोषणा की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पांच मुख्य गारंटियों का ऐलान किया है। इसमें महिलाओं को नकद सहायता, ₹25 लाख का स्वास्थ्य बीमा और भूमिहीनों को पट्टा देने जैसे वादे शामिल हैं। खरगे ने लखीमपुर की रैली में भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पार्टी का चुनावी बिगुल फूंकते हुए 'पांच गारंटियों' की घोषणा की है। लखीमपुर जिले के नाओबोइचा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए और सत्ता परिवर्तन का आह्वान किया। कांग्रेस की इन गारंटियों में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा, भूमि अधिकार और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी गई है। खरगे ने स्पष्ट किया कि ये वादे राज्य के सर्वांगीण विकास और नागरिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार के उद्देश्य से किए गए हैं।

महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता और सशक्तिकरण

कांग्रेस की पहली बड़ी गारंटी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है। खरगे ने घोषणा की कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है, तो राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में बिना किसी शर्त के मासिक नकद हस्तांतरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जो महिलाएं अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं, उन्हें ₹50,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। खरगे ने वर्तमान सरकार की योजनाओं की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस की सहायता बिना किसी राजनीतिक भेदभाव या पार्टी सदस्यता की शर्त के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी।

स्वास्थ्य सुरक्षा और बुजुर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा

स्वास्थ्य क्षेत्र में कांग्रेस ने राजस्थान मॉडल की तर्ज पर असम के प्रत्येक परिवार के लिए ₹25 लाख के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की गारंटी दी है। इस योजना का उद्देश्य नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान होने वाले भारी खर्च से बचाना है। इसके साथ ही, सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,250 प्रति माह की पेंशन सहायता का वादा किया गया है। खरगे के अनुसार, यह कदम बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।

भूमि अधिकार और 'खिलोंजिया' भूमिपुत्रों को पट्टा

असम में भूमि का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। कांग्रेस ने अपनी गारंटी में वादा किया है कि राज्य के 10 लाख 'खिलोंजिया' (मूल निवासी) भूमिपुत्रों को स्थायी भूमि पट्टा प्रदान किया जाएगा। पार्टी का तर्क है कि लंबे समय से भूमि अधिकारों से वंचित लोगों को मालिकाना हक देना उनकी पहचान और आर्थिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। खरगे ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासन ने मूल निवासियों के भूमि अधिकारों की अनदेखी की है, जिसे कांग्रेस सरकार प्राथमिकता के आधार पर हल करेगी।

न्यायिक प्रतिबद्धता और प्रशासनिक जवाबदेही

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने का भी वादा किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जुबिन गर्ग से जुड़े मामले में 100 दिनों के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने राज्य प्रशासन में पारदर्शिता लाने और लंबित कानूनी मामलों के त्वरित निपटान के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने की बात कही। खरगे ने कहा कि न्याय में देरी असम के नागरिकों के साथ अन्याय है और उनकी सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक आरोप

रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार का उपयोग केवल नेताओं के खजाने भरने के लिए किया जा रहा है। खरगे ने मुख्यमंत्री को 'नकली सीएम' करार देते हुए कहा कि 2021 का चुनाव सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में लड़ा गया था, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर कुर्सी हथिया ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार राज्य में डर का माहौल पैदा कर रही है और लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है, जिससे विकास बाधित हो रहा है।