संसद में हंगामा: छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर खरगे का माइक बंद करने का आरोप, विपक्ष हमलावर

मानसून सत्र के दूसरे दिन संसद में पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भारी हंगामा हुआ। मल्लिकार्जुन खरगे ने माइक बंद करने का आरोप लगाया, वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में सरकार को जमकर घेरा। हंगामे की स्थिति को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे और सरकार से जवाब मांग रहे थे।

मल्लिकार्जुन खरगे ने लगाया माइक बंद करने का आरोप

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने छात्रों के मुद्दे पर बोलना शुरू किया, उनका माइक बंद कर दिया गया। " उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया और उन्हें क्यों मारा-पीटा गया? खरगे ने कहा कि देश के हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां बरसाईं, जो कि एक अत्यंत निंदनीय घटना है।

सदन में चर्चा की मांग और सरकार पर प्रहार

खरगे ने आगे कहा कि विपक्ष इस अन्याय के खिलाफ सदन में चर्चा चाहता था ताकि गृह मंत्री इस पर अपना बयान दें, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद अराजकता पैदा कर रही है और लोगों को उकसा रही है ताकि उन्हें डराकर जेल में डाला जा सके। खरगे ने यह भी कहा कि उन्हें सदन से बाहर भी नहीं जाने दिया गया और जेल की तरह अंदर ही रखा गया। उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा की और कहा कि देश अराजकता की तरफ बढ़ रहा है।

राहुल गांधी ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से तबाह हो चुकी है और यह छात्रों के भविष्य का सवाल है। राहुल ने सवाल उठाया कि जब छात्र अपनी परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं, तो उन्हें पीटा क्यों जा रहा है? उन्होंने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने अब तक इस पर माफी नहीं मांगी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूरे एजुकेशन सिस्टम पर आरएसएस का कब्जा है और उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

अखिलेश यादव, ओवैसी और प्रियंका गांधी के बयान

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपने साथियों पर इस्तीफे का दबाव नहीं बना पा रही है क्योंकि उसे डर है कि कहीं दबे हुए राज न खुल जाएं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार लोकतंत्र में कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसे सरकार का लगातार एक जैसा व्यवहार और पूर्ण रूप से अव्यवस्था करार दिया। प्रियंका गांधी ने भी पेपर लीक के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि युवा और उनके माता-पिता कर्ज लेकर पढ़ाई करवाते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनका भविष्य अंधकार में है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 26 और 27 साल के बच्चे नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं और उनकी शादियां तक नहीं हो पा रही हैं। प्रियंका ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और कहा कि सदन में बच्चों की बात सुनी जानी चाहिए।