पटना के सुप्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान, जिन्हें पूरी दुनिया खान सर के नाम से जानती है, अब एक गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। उनके कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' (केजीएस) में हुई हालिया हिंसा और फायरिंग के मामले में पटना की कदम कुआं थाना पुलिस ने खान सर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस अब किसी भी समय खान सर से पूछताछ कर सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया है जो इस पूरे प्रकरण की तह तक जाकर जांच करेगी।
मंगलवार रात की हिंसा और तोड़फोड़ का विवरण
यह पूरा विवाद मंगलवार की देर रात शुरू हुआ जब पटना के कदम कुआं स्थित खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर पर हमला हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 से 20 लोगों के एक समूह ने संस्थान पर धावा बोल दिया। इस दौरान न केवल परिसर में तोड़फोड़ की गई, बल्कि जमकर पथराव भी हुआ और हमले में वहां तैनात सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट की गई। शुरुआत में खान सर ने मीडिया के सामने दावा किया था कि उनके सामने ही प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के लोगों ने फायरिंग की है। हालांकि, बाद में वह अपने इस बयान से पलट गए, जिससे पुलिस की जांच का रुख उनकी ओर भी मुड़ गया।
गार्डों की गिरफ्तारी और वायरल वीडियो का सच
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में खान सर के संस्थान के दो सुरक्षा गार्ड राइफल से हवाई फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए गार्डों की पहचान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी प्रदीप कुमार और कासगंज निवासी कालेश्वर के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि जब भीड़ ने हमला और पथराव शुरू किया, तो उन्होंने बचाव में हवाई फायरिंग की थी। पुलिस ने दोनों राइफलों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
प्रतिद्वंद्वी संस्थानों के बीच टकराव और साजिश के आरोप
इस मामले में पुलिस ने अब तक ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक और 2 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर, प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के लोगों ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर खान सर पर गंभीर आरोप लगाए। संस्थान के एक सदस्य आदर्श ने दावा किया कि खान सर ने खुद इस पूरी घटना की साजिश रची थी ताकि प्रतिद्वंद्वी संस्थानों को फंसाया जा सके और उन्होंने गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने के वीडियो को सबूत के तौर पर पेश करते हुए कहा कि फायरिंग की कहानी पूरी तरह से गढ़ी गई थी।
पुलिस की आगामी कार्रवाई और जांच का दायरा
शहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, कदम कुआं थाने में फायरिंग कर दहशत फैलाने के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियार वैध थे और क्या हवाई फायरिंग की स्थिति वास्तव में आत्मरक्षा के लिए अनिवार्य थी। खान सर से होने वाली पूछताछ में पुलिस इन सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगेगी। फिलहाल, पटना का कोचिंग हब इस घटना के बाद तनावपूर्ण स्थिति में है और पुलिस की विशेष टीम साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
