प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे यानी पेपर लीक पर एक नया वीडियो संदेश जारी किया है। इस वीडियो में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि हमारी परीक्षा पद्धति पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। प्रधानमंत्री ने यह वीडियो संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर साझा किया है और विशेष बात यह है कि पीएम ने इस वीडियो को भी अपने मोबाइल के सेल्फी कैमरे से ही रिकॉर्ड किया है।
संसद में आएगा कठोर कानून
पेपर लीक की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि सरकार कल यानी सोमवार को पार्लियामेंट के अंदर कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ एक नया कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिन लोगों ने भी विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस किया है, वे आज जेलों में सड़ रहे हैं। सरकार ने इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाए हैं।
नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में हाई पावर टास्क फोर्स
भविष्य की परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया गया है। यह टास्क फोर्स मुख्य रूप से एग्जामिनेशन रिफॉर्म यानी परीक्षा सुधारों पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमें भविष्य के लिए सोचना है और हमारी परीक्षा पद्धति को विश्वस्त बनाना है। इस टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर ही जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने का काम सुनिश्चित किया जाएगा।
सेल्फी कैमरे से जारी किया तीसरा वीडियो
छात्रों के मुद्दों और पेपर लीक को लेकर पीएम मोदी का यह सेल्फी कैमरे से बनाया गया तीसरा वीडियो है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने पहला वीडियो 23 जुलाई की देर रात को जारी किया था। इसके बाद दूसरा वीडियो 24 जुलाई की देर रात को साझा किया गया था। अब यह तीसरा वीडियो धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद सामने आया है। इस वीडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर छात्रों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जानिए कौन हैं नंदन नीलेकणि
नंदन नीलेकणि भारत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित उद्योगपति और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ हैं। वे प्रसिद्ध आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक और वर्तमान चेयरमैन हैं। नंदन नीलेकणि ने साल 2009 से 2014 तक यूआईडीएआई (UIDAI) के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं और इसी कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी आधार प्रोजेक्ट को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें साल 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा आईआईटी बॉम्बे से पूरी की है। अब वे देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार की विशेष टीम का नेतृत्व करेंगे।
HIGH POWERED TASK FORCE on examination reforms under the leadership of Shri Nandan Nilekani constituted.@NandanNilekani pic.twitter.com/mMpmPdIEL5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
