प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें भारत और नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई और इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच विकास, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग को एक नई दिशा और गति प्रदान करना था। यह बैठक भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रमुख उपस्थिति और रणनीतिक वार्ता
इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत की ओर से कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व शामिल हुए, जो इस मुलाकात की गंभीरता को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच के विशेष संबंधों को और प्रगाढ़ करने के संकल्प को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने रबी लामिछाने की उस इच्छा का स्वागत किया जिसमें उन्होंने एक साझा और समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर काम करने की बात कही थी।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि नेपाल भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत एक प्राथमिकता वाला साझेदार है। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह से उत्सुक है। चर्चा का केंद्र बिंदु यह रहा कि कैसे दोनों देश अपनी साझा विरासत का लाभ उठाकर अपने नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक
प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले, मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रबी लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इस दौरान अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की चुनावी जीत पर लामिछाने को बधाई दी और नेपाल की नई सरकार की सफलता के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
दोनों पक्षों ने भारत-नेपाल के विशेष संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए मिलकर काम करने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया और गृह मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी विश्वास को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर अत्यंत सकारात्मक चर्चा हुई। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्तर पर बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संवाद
अपनी भारत यात्रा के क्रम में रबी लामिछाने ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद लामिछाने ने बताया कि नई दिल्ली में उनकी जयशंकर के साथ बहुत ही रचनात्मक बातचीत हुई। इस वार्ता में नेपाल-भारत संबंधों को मजबूत करने, विकास साझेदारी को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने भी इस वार्ता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य केंद्र भारत-नेपाल विकास साझेदारी और लोगों के बीच के मजबूत संबंध रहे। उन्होंने कहा कि ये संबंध दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विकास कार्यों में आपसी सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी।
मुलाकातों का कूटनीतिक महत्व
भारत और नेपाल के बीच के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि ये ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक रूप से बहुत गहरे जुड़े हुए हैं। नेपाल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के बीच रबी लामिछाने की यह भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और एस जयशंकर के साथ हुई ये बैठकें इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि भारत नेपाल के नए राजनीतिक नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
इन मुलाकातों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में विकास, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी को एक नई ऊर्जा मिलेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल की उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि दोनों देश सुरक्षा से जुड़े साझा हितों और क्षेत्रीय स्थिरता पर एक समान दृष्टिकोण रखते हैं।
