प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन पहुंच चुके हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ हजलमार क्रिस्टर्सन ने खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहकर पीएम मोदी की गर्मजोशी के साथ अगवानी की। प्रधानमंत्री का यह 2 दिवसीय दौरा भारत और स्वीडन के द्विपक्षीय रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और यूरोप के बीच तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी बहुत तेजी से मजबूत हो रही है। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ गहन द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस वार्ता में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, ग्रीन ट्रांजिशन, अंतरिक्ष, उभरती प्रौद्योगिकियों और स्टार्टअप्स जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग
इस दौरे का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रधानमंत्री मोदी यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री के एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस मंच को यूरोपीय महाद्वीप के सबसे प्रभावशाली और बड़े बिजनेस मंचों में से एक माना जाता है और उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला यूरोप दौरा है। यही कारण है कि पूरी दुनिया की निगाहें इस यात्रा और इसके परिणामों पर टिकी हुई हैं और यह दौरा भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देने वाला और आपसी विश्वास को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है।
व्यापारिक आंकड़े और रक्षा क्षेत्र में सहयोग
स्वीडन और भारत के बीच लगातार बढ़ते आर्थिक संबंध इस साझेदारी की मजबूती का प्रमाण हैं। साल 2025 में दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापार 7 अरब 75 करोड़ डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान रक्षा उत्पादन, मेक इन इंडिया अभियान, एआई सहयोग और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कई बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है। डिजिटल इनोवेशन और ग्रीन इंडस्ट्री के नए एजेंडे के साथ यह यात्रा वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी। स्वीडन की सीमा में प्रवेश करते समय स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया, जो इस यात्रा के कूटनीतिक महत्व और स्वीडन द्वारा दिए गए सम्मान को दर्शाता है।
अफस्लुइटडिज्क बांध का दौरा
अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड में स्थित अफस्लुइटडिज्क बांध का भी दौरा किया। इस विशेष भ्रमण के दौरान स्वीडन के प्रधानमंत्री भी उनके साथ मौजूद थे। स्वीडिश प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को इस बांध की संरचना, इसके इतिहास और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के विशेष निमंत्रण पर इस दो दिवसीय दौरे पर वहां पहुंचे हैं। यह यात्रा न केवल व्यापारिक बल्कि तकनीकी और रणनीतिक मोर्चे पर भी भारत के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाली है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।
