कांग्रेस पार्टी अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करने और पेशेवर वर्गों के साथ जुड़ने के लिए एक नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में जेन जेड (Gen Z) वकीलों के एक समूह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक कांग्रेस के लीगल सेल के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी की अगुवाई में शुरू किए गए एक पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है। पार्टी का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर कानूनी क्षेत्र के उभरते पेशेवरों के बीच अपनी पैठ बनाना और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर उनके साथ संवाद स्थापित करना है।
पायलट प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप कार्यक्रम की रूपरेखा
अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में कांग्रेस लीगल सेल ने इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 10 युवा वकीलों का चयन किया है। इन युवाओं को इंटर्नशिप के लिए चुना गया है, जहां वे कांग्रेस के 10 सांसदों के साथ मिलकर काम करेंगे। वर्तमान में ये युवा वकील कांग्रेस पार्टी के सदस्य नहीं हैं, लेकिन वे सांसदों को उनके संसदीय कार्यों में कानूनी सहायता और शोध में मदद प्रदान करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सांसदों को तकनीकी और कानूनी मोर्चे पर सशक्त बनाना है।
पार्टी की योजना है कि यदि भविष्य में ये युवा वकील कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा से सहमत होते हैं, तो उन्हें पार्टी की सदस्यता भी दी जा सकती है। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, कांग्रेस इस व्यवस्था को अपने सभी सांसदों के लिए लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि हर सांसद के पास युवा और ऊर्जावान वकीलों की एक टीम हो जो कानूनी बारीकियों में उनकी मदद कर सके। यह कदम कांग्रेस द्वारा जनता के बीच फिर से अपनी पकड़ बनाने की कोशिशों का हिस्सा है।
15 मिनट की जगह डेढ़ घंटे तक चला संवाद
राहुल गांधी और युवा वकीलों के बीच यह मुलाकात शुरू में केवल 15 से 20 मिनट के लिए तय की गई थी। अभिषेक मनु सिंघवी ने इसी समय सीमा के लिए राहुल गांधी से वक्त मांगा था। हालांकि, जब चर्चा शुरू हुई और युवाओं ने अपने विचार साझा किए, तो बैठक का समय बढ़ता चला गया और यह संवाद करीब सवा घंटे से लेकर डेढ़ घंटे तक चला, जो इस बात का संकेत है कि चर्चा काफी गहन और सार्थक रही। इस दौरान राहुल गांधी ने राजनीति, समाज और विचारधारा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार रखे।
राहुल गांधी के तीन प्रमुख संदेश
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने युवा वकीलों के सामने 3 मुख्य बातें रखीं। सबसे पहले, उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली के बारे में बात करते हुए कहा कि यहाँ सभी की बात सुनी जाती है और आलोचनात्मक विचारों को भी पूरा स्थान दिया जाता है। उन्होंने इसे हिंदुत्व की अपनी विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि हिंदू धर्म भी यही सिखाता है कि हमें हर विचार का सम्मान करना चाहिए और आलोचना को स्वीकार करना चाहिए।
दूसरा, उन्होंने राजनीति के उद्देश्य को स्पष्ट किया। राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति केवल उन मुद्दों पर की जानी चाहिए जो गरीब, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और समाज के पीड़ित वर्गों की मदद करें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा इन वर्गों के उत्थान में लगाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति का असली मकसद पीड़ितों की सेवा होना चाहिए।
तीसरा, उन्होंने युवाओं को एक व्यावहारिक सलाह दी। उन्होंने कहा कि आप लोग अभी किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस को जॉइन न करें। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले आप काम को समझें और भविष्य में अपनी समझ के आधार पर यह फैसला लें और साथ ही, उन्होंने भविष्य के इन वकीलों से एक वादा भी मांगा। उन्होंने कहा कि आप सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि आप अपनी वकालत का कुछ समय समाज के जरूरतमंदों और गरीबों की सेवा के लिए समर्पित करेंगे, ताकि न्याय हर किसी तक पहुंच सके।
अभिषेक मनु सिंघवी की प्रतिक्रिया
इस मुलाकात के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने इस बातचीत को अत्यंत ऊर्जावान बताया। सिंघवी ने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग के साथ-साथ लीगल फेलो के बीच बहुत ही सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने युवा वकीलों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों की सराहना की और कहा कि यह संविधान के प्रति पार्टी की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह बैठक कांग्रेस पार्टी के उस इरादे को दर्शाती है जिसके तहत वह कानूनी रूप से जागरूक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नेताओं की एक नई पीढ़ी तैयार करना चाहती है।
