केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। हैदराबाद में लोकतंत्र बचाओ अराजकता मिटाओ मार्च की शुरुआत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर तेलंगाना से कांग्रेस पार्टी को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राहुल गांधी ने भले ही एक नकली संसद आयोजित की हो, लेकिन वे कभी भी असली संसद में प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक सरगर्मी तेज है और विभिन्न दलों के बीच तीखे बयानों का दौर लगातार जारी है।
हैदराबाद के इतिहास और सरदार पटेल का जिक्र
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद के ऐतिहासिक पन्नों को भी पलटा और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल ने निजाम को झुकने के लिए मजबूर न किया होता, तो आज हैदराबाद भारत का हिस्सा नहीं होता। सरदार पटेल ने ही हैदराबाद के निजाम को घुटने टेकने पर मजबूर किया, और इस तरह हैदराबाद और नतीजतन, तेलंगाना को भारत का अभिन्न अंग बना दिया और शाह ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र हैदराबाद में सांस ले रहे हैं, वह सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत नेतृत्व का ही परिणाम है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
दिल्ली रैली और घुसपैठियों के मुद्दे पर घेराव
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में आयोजित की गई रैली का जिक्र करते हुए उस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज हैदराबाद की सड़कों पर हजारों लोग उतरे हैं और कल दिल्ली में भी एक रैली हुई थी जिसे राहुल जी ने आयोजित किया था। उन्होंने दावा किया कि यह वोट बचाओ रैली थी। असल में, यह वोट बचाओ रैली नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाओ रैली थी। एनपीआर यानी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का विरोध करके, कांग्रेस पार्टी बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है और उन्हें देश की मतदाता सूची में बनाए रखना चाहती है। लेकिन आज, मैं साफ तौर पर कह देना चाहता हूं आप चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, बीजेपी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक कि एक-एक घुसपैठिये को मतदाता सूची से और देश से बाहर नहीं निकाल दिया जाता।
संसद में बहस और ईवीएम के मुद्दे पर चुनौती
अमित शाह ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में उनके सभी तर्कों को पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हैदराबाद की धरती से मैं एक चुनौती देता हूं: हम संसद का एक विशेष सत्र बुला रहे हैं- आइए, चर्चा करते हैं। वे नहीं आएंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि वे केवल अराजकता फैलाकर नफरत ही पैदा कर सकते हैं। अगर वे संसद में आते हैं, तो पीएम मोदी उनके तर्कों को पूरी तरह ध्वस्त कर देंगे। जब भी वे चुनाव हारते हैं, तो ईवीएम को दोष देते हैं और अगर ईवीएम में सच में कोई खराबी होती, तो रेवंत रेड्डी कैसे जीतते? केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में आपकी सरकारें कैसे बनीं? अगर ईवीएम में इतनी ही समस्या थी, तो आपको पद की शपथ भी नहीं लेनी चाहिए थी।
देशभर में चुनावी विजय और तेलंगाना में जीत का दावा
भारतीय जनता पार्टी के चुनावी रथ का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि वे दावा करते हैं कि हम एसआईआर यानी स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन की वजह से जीत रहे हैं। मोदी जी दो हजार चौदह में जीते थे, तब तो कोई एसआईआर नहीं था। तो क्या वे एसआईआर की वजह से जीते थे? वे दो हजार उन्नीस में जीते, और दो हजार चौबीस में भी जीते। ये जीत भारत के मतदाताओं की बदौलत मिली है। हमने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, बंगाल और असम में जीत हासिल की है और अब, हम तेलंगाना में भी जीतने के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दो हजार चौबीस के बाद से हमने महाराष्ट्र में जीत दर्ज की है, हरियाणा में भारी बहुमत हासिल किया है, तीस साल बाद दिल्ली में जीते हैं, और बिहार में भी जीत हासिल की है और बंगाल में तो दीदी का पूरी तरह से सफाया हो गया। हमने असम में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है और और राहुल गांधी, मेरी बात सुनिए- आपने दो दिन पहले एक नकली यानी मॉक पार्लियामेंट आयोजित की थी। अगर आपने मुझसे पूछा होता, तो मैं आपको यही सलाह देता कि एक नकली संसद में विपक्ष का नेता बनने के बजाय, आप सीधे प्रधानमंत्री ही बन जाते, क्योंकि असली संसद में तो आप कभी प्रधानमंत्री बन नहीं पाएंगे।
तेलंगाना में रेवंत रेड्डी टैक्स और भ्रष्टाचार का आरोप
राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी टैक्स चल रहा है और कांग्रेस पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। तेलंगाना के लोगों, जो कुछ भी थोड़ा-बहुत बचा है, आज पक्का संकल्प लें कि तेलंगाना से कांग्रेस को पूरी तरह उखाड़ फेंकेंगे। कांग्रेस खुद वेंटिलेटर पर है, ऐसी पार्टी पीएम मोदी के साथ मैराथन में कैसे दौड़ सकती है? जहां भी इन्हें मौका मिला, इन्होंने भ्रष्टाचार किया है। क्या यह आरआर टैक्स रेवंत रेड्डी के पास जाता है? यह सिर्फ रेवंत रेड्डी टैक्स नहीं है और यह रेवंत रेड्डी के जरिए राहुल गांधी तक पहुंचने वाला टैक्स है। तेलंगाना की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी। क्या कांग्रेस, ओवैसी या बीआरएस भ्रष्टाचार और तेलंगाना को बेच देने की साजिश को खत्म कर सकते हैं? केवल मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी ही इसे रोक सकती है। अंत में उन्होंने तेलंगाना में दो-तिहाई बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनाने की अपील की और कहा कि पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कांग्रेस की साजिशों को उजागर करेंगे।
