देश की राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी उस समय तेज हो गई जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों द्वारा आयोजित 'संसद चलो' अभियान के दौरान उन पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा में हुई धांधली, बार-बार होने वाले पेपर लीक और युवाओं के उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को उठाना था। हालांकि, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद विपक्ष ने सरकार की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस घटना की निंदा करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को बताया युवा विरोधी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें एक नाकाम मंत्री करार दिया और उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में अब तक 152 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे लगभग 7 करोड़ 50 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि इतने बड़े पैमाने पर धांधली होने के बावजूद एक भी दोषी को सजा नहीं मिली है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सजा केवल उन मेहनती युवाओं को मिल रही है जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि जब छात्र शिक्षा से जुड़े जायज सवाल पूछते हैं, तो उन्हें जवाब में लाठियां और हिरासत मिलती है। राहुल ने आगे कहा कि लीक करने वाले अपराधी आजाद हैं और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे और पीटे जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने सरकार की विफलता पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी लाठीचार्ज की घटना पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर चोटें आई हैं और वे घायल हुए हैं, जो सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार नीट की परीक्षा तक सही ढंग से नहीं करा पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी परीक्षाएं कराई गईं और उनमें जो धांधली हुई, उसमें सत्ताधारी दल के लोग ही शामिल हैं। इससे पहले अखिलेश यादव ने एक कविता के माध्यम से अपनी बात रखते हुए लिखा कि जब निराशा में आंख का पानी समुंदर बन जाता है, तब इंकलाब आता है। उन्होंने सत्ता के अहंकार पर प्रहार करते हुए कहा कि जब कोई अपनी ताकत पर इठलाता है, तब क्रांति का जन्म होता है।
शशि थरूर ने लाठीचार्ज के तर्क पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और पुलिसिया कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विरोध प्रदर्शन बिना किसी हिंसा के हो रहा था, तो लाठीचार्ज करने का कोई तर्क समझ नहीं आता। थरूर ने इसे हिंसा का कृत्य करार दिया। उन्होंने संसद के भीतर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में चंदे की चोरी और नीट परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कांग्रेस पिछले कई महीनों से चर्चा की मांग कर रही है और थरूर ने कहा कि सरकार कुछ भी मानने को तैयार नहीं है और चर्चा से डर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद का मकसद देश की आवाज सुनना है, लेकिन जब सरकार केवल अपने विषयों पर अड़ी रहती है, तो विपक्ष का नाखुश होना स्वाभाविक है।
