श्रवण सिंह बगड़ी का बड़ा बयान: नीचे से आए नामों पर ही लगेगी मुहर, कांग्रेस की बगावत की आस होगी नाकाम

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण पूरी तरह से जमीनी फीडबैक पर आधारित होगा। उन्होंने कांग्रेस के अंतर्कलह पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा में बगावत की उनकी उम्मीदें कभी पूरी नहीं होंगी।

राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकटों के चयन की प्रक्रिया अपने चरम पर पहुंच गई है। जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रदेश की 309 नगर निकायों के वार्डों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर संभागवार बैठकों का दौर लगातार जारी है। टिकट वितरण की इस जटिल प्रक्रिया और इसमें संभावित अंतर्विरोधों को लेकर ईटीवी भारत के संवाददाता जसवंत सोलंकी ने भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी से विशेष बातचीत की। इस दौरान बगड़ी ने पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और भाजपा के भीतर बगावत की संभावनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी।

जमीनी स्तर से तय होगी उम्मीदवारों की किस्मत

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी में टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से नीचे से ऊपर की ओर जाने वाली व्यवस्था पर आधारित है और उन्होंने बताया कि किसी भी उम्मीदवार का नाम फाइनल होने से पहले उसे कई स्तरों के मंथन से गुजरना पड़ता है। बगड़ी के अनुसार, आज देर रात तक सभी निकायों के लिए नामों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश स्तर पर पहुंचने वाले नामों पर पहले ही गहन विचार-विमर्श हो चुका होता है, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहती है। एक बार नाम तय होने के बाद उन्हें जिला स्तर पर भेज दिया जाएगा, जहां से सिंबल जारी करने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सामूहिक निर्णय और कांग्रेस की उम्मीदों पर प्रहार

बगड़ी ने जोर देकर कहा कि भाजपा में निर्णय किसी एक व्यक्ति के स्तर पर नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से लिए जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष इस ताक में बैठा है कि भाजपा में टिकटों को लेकर कोई विवाद या बगावत हो, लेकिन उनकी यह आस अधूरी ही रहेगी। बगड़ी के मुताबिक, भाजपा एक अनुशासित संगठन है जहां कार्यकर्ताओं की राय और स्थानीय संगठन के फीडबैक को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब निर्णय सामूहिक होता है, तो उसे सभी कार्यकर्ता स्वीकार करते हैं। यदि कहीं कोई नाराजगी की स्थिति बनती भी है, तो पार्टी नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर उन्हें समझाने और साथ लेकर चलने का काम करेगा।

खेमों में बंटी कांग्रेस पर तीखा हमला

बातचीत के दौरान श्रवण सिंह बगड़ी ने कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और सचिन पायलट जैसे अलग-अलग पावर सेंटर्स और खेमों में बंटी हुई है। बगड़ी ने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के सामने यह बड़ा संकट है कि वे टिकट के लिए किसके पास जाएं और किससे गुहार लगाएं। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि कांग्रेस में हालात इतने खराब हैं कि कई जगहों पर तो टिकट मांगने वाले भी सामने नहीं आ रहे हैं। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों के घर में झांकने के बजाय अपने बिखराव को संभालना चाहिए।

चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरण

टिकट वितरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बगड़ी ने बताया कि सबसे पहले निकाय स्तर की कोर कमेटी नामों पर विचार करती है। इसके बाद विधानसभा स्तर और फिर जिला स्तर की कमेटियों में इन नामों पर विस्तृत चर्चा की जाती है और इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही प्रस्ताव प्रदेश स्तर तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि चूंकि नाम नीचे से छनकर आते हैं, इसलिए प्रदेश स्तर पर उनमें बदलाव की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारना है जिनकी जनता में पकड़ हो और जो चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों।

कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान सर्वोपरि

संभावित बगावत के सवाल पर बगड़ी ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि टिकट मांगना हर कार्यकर्ता का अधिकार है और यह स्वाभाविक भी है। लेकिन टिकट किसी एक को ही मिल सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टिकट न मिलने से किसी भी कार्यकर्ता का मान-सम्मान कम नहीं होगा। संगठन में हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है और भाजपा अपने हर निष्ठावान कार्यकर्ता की मेहनत का सम्मान करती है। उन्होंने अंत में दोहराया कि पूरी पार्टी एकजुट होकर इन चुनावों में उतरेगी और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की मंशा को सफल नहीं होने देगी।