राजस्थान में तबादलों से हटा प्रतिबंध: 5 जुलाई तक होंगे ट्रांसफर

राजस्थान सरकार ने 16 दिनों के लिए तबादलों से रोक हटा दी है, जिससे 19 जून से 5 जुलाई तक सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे। इसमें गंभीर बीमारी और एकल महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

राजस्थान राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग पर लगे प्रतिबंध को आधिकारिक तौर पर हटाने की घोषणा की है। यह निर्णय उन हजारों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आया है जो लंबे समय से तबादला खिड़की खुलने का इंतजार कर रहे थे। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, तबादला खिड़की 16 दिनों की अवधि के लिए खुली रहेगी, जो 19 जून से शुरू होकर 5 जुलाई को समाप्त होगी। इस विशिष्ट समय सीमा के दौरान, राज्य भर के विभिन्न विभागों को तबादला अनुरोधों को संसाधित करने और पोस्टिंग आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

आदेश की समय सीमा और दायरा

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तबादलों के लिए अनुमति 5 जुलाई तक मान्य रहेगी। यह 16 दिनों की खिड़की सभी सरकारी विभागों को अपने संबंधित तबादला प्रस्ताव तैयार करने और अपने स्तर पर आवश्यक स्वीकृति प्रक्रियाओं को पूरा करने की अनुमति देती है। इस आदेश का दायरा व्यापक है, क्योंकि यह न केवल सभी राज्य सरकार के विभागों पर लागू होता है, बल्कि राजस्थान सरकार के तहत काम करने वाले विभिन्न निगमों, मंडलों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थानों पर भी लागू होता है। इस कदम से कर्मियों के प्रबंधन से संबंधित प्रशासनिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है जो पहले प्रतिबंध के कारण रुकी हुई थीं। आदेश जारी होने के साथ ही तबादलों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है।

थर्ड ग्रेड शिक्षक और चिकित्सा विभाग

तबादलों पर से सामान्य प्रतिबंध हटने के बावजूद, कर्मचारियों की कुछ श्रेणियों को अभी भी इंतजार करना होगा। राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों (थर्ड ग्रेड टीचर्स) के लिए प्रतिबंध को बरकरार रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि इन शिक्षकों के लिए तबादलों का लंबा इंतजार जारी है। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को भी इस वर्तमान तबादला खिड़की से बाहर रखा गया है। सरकार ने संभावित वर्षाकाल को देखते हुए चिकित्सा कर्मचारियों पर तबादला प्रतिबंध जारी रखने का कारण बताया है, यह कहते हुए कि इस अवधि के दौरान उनकी सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। चिकित्सा विभाग के लिए यह प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

तबादलों के लिए प्राथमिकता वाली श्रेणियां

सरकार ने इस तबादला प्रक्रिया के दौरान कुछ कर्मचारियों को प्राथमिकता देने के लिए विशिष्ट मानदंड निर्धारित किए हैं। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, एकल महिला, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, गंभीर और जानलेवा बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी। इन स्थितियों में कैंसर, मस्तिष्क से संबंधित बीमारियां, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां और किडनी से संबंधित समस्याएं शामिल हैं, बशर्ते वे मेडिकल बोर्ड या सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित हों और अन्य प्राथमिकता समूहों में दिव्यांग कर्मचारी, वे कर्मचारी जिन्होंने एक विशेष स्थान पर लंबी सेवा अवधि पूरी की है, और ऐसे मामले शामिल हैं जहां पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। इन श्रेणियों पर ध्यान केंद्रित करके, सरकार का लक्ष्य मानवीय और प्रशासनिक आवश्यकताओं को एक साथ पूरा करना है।