राजस्थान की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है, जिसका मुख्य केंद्र शिक्षा नगरी कोटा बन गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने राहुल गांधी के इस दौरे को राजनीतिक पर्यटन की संज्ञा दी है। राठौड़ का तर्क है कि वर्तमान में छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारी में पूरी तरह व्यस्त हैं और ऐसे समय में राहुल गांधी का कोटा आगमन उनकी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करने वाला और उन्हें परेशान करने वाला कदम है।
कांग्रेस शासन के पेपर लीक मामलों पर तीखा प्रहार
राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस के पिछले कार्यकाल पर हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में प्रदेश में कुल 19 पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया था। राठौड़ ने सवाल उठाया कि जब छात्र उन पेपर लीक की वजह से परेशान थे, तब राहुल गांधी को उनकी चिंता क्यों नहीं हुई और उन्होंने कांग्रेस नेता सचिन पायलट द्वारा आरपीएससी जाने और भर्ती प्रक्रियाओं पर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। राठौड़ के अनुसार, कांग्रेस सरकार ने अपने चहेतों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाकर पूरी भर्ती प्रक्रिया को दूषित कर दिया था। उन्होंने तंज कसे हुए कहा कि आरपीएससी से जुड़े मामलों में पकड़े गए आरोपियों ने खुद यह स्वीकार किया था कि सदस्य बनने के लिए मोटी रकम का लेनदेन हुआ था।
भाजपा सरकार की उपलब्धियां और परीक्षाओं की शुचिता
भजनलाल सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के अब तक के कार्यकाल में कुल 410 परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं और संतोषजनक बात यह है कि इनमें से एक भी परीक्षा रद्द नहीं करनी पड़ी है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई ने अभ्यर्थियों के मन में सरकार के प्रति विश्वास पैदा किया है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
राठौड़ ने यह भी दावा किया कि इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए बाहर से और किराए पर छात्रों को लाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि राहुल गांधी को कोटा बुलाकर इस शहर की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है, जबकि कोटा अपनी मेहनत और शिक्षा के दम पर पूरे देश में एक विशेष पहचान रखता है।
कोटा और बीकानेर अस्पताल हादसों पर सरकार का रुख
कोटा और बीकानेर के अस्पतालों में प्रसुताओं की मौत के दुखद मामलों पर पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इन घटनाओं को अत्यंत अमानवीय करार दिया और कहा कि इस पूरे मामले में सरकार बेहद गंभीर है और राठौड़ ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री से विस्तृत चर्चा की है। सरकार की ओर से एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस लापरवाही में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितने ही बड़े पद पर क्यों न बैठा हो, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
