राजस्थान में शुक्रवार 29 मई से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सीकर, गंगापुर और राजधानी जयपुर समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, जिससे पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के प्रकोप में कमी आई है। हालांकि, इस बदलते मौसम ने जनजीवन और परिवहन सेवाओं पर भी असर डाला है, जिसमें रेलवे को विशेष रूप से नुकसान उठाना पड़ा है।
नीमकाथाना में मालगाड़ी के साथ बड़ा हादसा
मौसम के इस उग्र रूप का सबसे ज्यादा असर नीमकाथाना में देखने को मिला, जहां एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया और न्यू भागेगा रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी के 4 खाली कंटेनर तेज आंधी की चपेट में आकर पटरी से नीचे गिर गए। हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि भारी-भरकम कंटेनर अपना संतुलन खो बैठे और इस घटना के कारण अप और डाउन दोनों रेल लाइनें पूरी तरह से बाधित हो गईं, जिससे मालगाड़ियों का संचालन कुछ समय के लिए रुक गया। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, वहां कोई रेल कर्मचारी या अन्य ट्रेन मौजूद नहीं थी, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। रेलवे की विशेष तकनीकी टीम ने मशीनों की सहायता से करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कंटेनरों को ट्रैक से हटाया और यातायात बहाल किया।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और आगामी पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बना रहेगा और विभाग ने अनुमान जताया है कि 30 और 31 मई को आंधी और बारिश की गतिविधियां अपने चरम पर होंगी। इसके अलावा, जून के पहले सप्ताह में भी राज्य के कुछ भागों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जारी रहने की संभावना है। शनिवार 30 मई की सुबह कोटा के इटावा और आसपास के इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है।
विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 30 मई के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, ओलावृष्टि और बारिश होने की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में जोधपुर, पाली, राजसमंद, उदयपुर, सलूंबर, चित्तौड़गढ़, बूंदी, भीलवाड़ा, ब्यावर, नागौर, अजमेर, कोटा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, टोंक, जयपुर, डीडवाना-कुचामन, झालावाड़ और बारां शामिल हैं। इसके साथ ही 13 अन्य जिलों जैसे सवाई माधोपुर, दौसा, अलवर, कोटपूतली बहरोड़, सीकर, चूरू, बीकानेर, फलोदी, बालोतरा, जालोर, सिरोही, करौली और झुंझुनू में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
तापमान के आंकड़े और लू से राहत
तापमान की बात करें तो पिलानी और कोटा में अधिकतम तापमान 46 दशमलव 4 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि श्रीगंगानगर में पारा 47 दशमलव 1 डिग्री तक पहुंच गया। अजमेर में न्यूनतम तापमान 20 दशमलव 5 डिग्री रहा। मौसम विभाग का कहना है कि आंधी और बारिश के प्रभाव से आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे 30 मई से प्रदेशवासियों को भीषण लू से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रही इन गतिविधियों ने राज्य के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
