पिछले तीन दिनों से पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हो रही भारी बरसात लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 16 राज्यों में भारी बारिश और संभावित जलप्रलय को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बीते 30 घंटों से ज्यादा समय से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जो कभी धीमी तो कभी बहुत तेज हो जाती है। इस निरंतर बारिश का असर यह है कि सड़कों पर समंदर जैसा नजारा दिखने लगा है और आम जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है और मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी राहत के आसार कम हैं।
असम में बाढ़ का तांडव और रेड अलर्ट
तेज बरसात की वजह से पहले से ही बाढ़ की तबाही झेल रहे असम पर एक बार फिर बड़ा संकट मंडरा रहा है। राज्य के कुछ इलाकों में फिर से मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो असम में बाढ़ की स्थिति और भी बदतर हो सकती है। जिन इलाकों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा था, वहां एक बार फिर डूबने का खतरा पैदा हो गया है और आंकड़ों की बात करें तो असम में अब तक बाढ़ ने 97 लोगों की जान ले ली है। राज्य के 15 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और करीब 1 लाख 68 हज़ार लोग इस आपदा की चपेट में आए हैं। सरकार ने राहत कार्य तेज करते हुए 6 जिलों में 133 राहत शिविर बनाए हैं, जहां राहत सामग्री बांटी जा रही है। वर्तमान में करीब 45000 विस्थापितों को इन शिविरों में आश्रय दिया गया है।
उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप
देवभूमि उत्तराखंड में मानसून का आफतकाल जारी है। राज्य की लगभग सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं और दरकते पहाड़ों ने भूस्खलन के खतरे को और बढ़ा दिया है। उत्तराखंड के श्रीनगर में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। नदी के तेज बहाव की वजह से नमामि गंगे घाट पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील कर रहा है। ऋषिकेश और हरिद्वार में भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को गंगा नदी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।
दिल्ली-एनसीआर में जलभराव और यातायात संकट
दिल्ली-एनसीआर में भारी बरसात की वजह से जगह-जगह जलभराव के नजारे आम हो गए हैं। शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से नोएडा के सेक्टर 95 में फ्लाईओवर के पास सड़कों पर इतना पानी भर गया कि कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गईं। यहां तक कि मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को भी बमुश्किल इस पानी से बाहर निकाला गया। दिल्ली को गुरुग्राम से जोड़ने वाले कापासेहड़ा बॉर्डर पर भी भारी जलजमाव देखा गया, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और मौसम विभाग के अनुसार, यह आसमानी आफत अभी थमने वाली नहीं है। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
16 राज्यों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने 8 अगस्त को देश के 16 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर में भी तेज हवाओं के साथ भारी बरसात का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ, जम्मू, डोडा और पंजाब के कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है और इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि महाराष्ट्र के तटीय हिस्सों और गोवा में बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी तेज हवाओं और वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।
