रिटायरमेंट से 20 दिन पहले रीको यूनिट हेड गिरफ्तार, 85 हजार की घूस लेते एसीबी ने दबोचा

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अजमेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए रीको के सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा और जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर को 85 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीनियर डीजीएम 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे।

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जयपुर की टीम ने अजमेर में एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के दौरान राजस्थान औद्योगिक विकास और निवेश निगम (रीको) के क्षेत्रीय कार्यालय के यूनिट हेड और सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (Sr. DGM) अंजय विश्वकर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है और यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि आरोपी अधिकारी अपने करियर के बिल्कुल अंतिम पड़ाव पर थे और कुछ ही दिनों में सेवामुक्त होने वाले थे।

रिटायरमेंट से ठीक पहले भ्रष्टाचार का दाग

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि आरोपी सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा का इसी महीने की 31 जुलाई को रिटायरमेंट होने वाला था। अपनी सरकारी सेवा के अंतिम 20 दिन शेष रहते हुए वे रिश्वतखोरी के गंभीर मामले में एसीबी के हत्थे चढ़ गए। इस कार्रवाई में केवल सीनियर डीजीएम ही नहीं, बल्कि ब्यावर में तैनात रीको के एक जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर को भी गिरफ्तार किया गया है और इन दोनों अधिकारियों ने मिलकर एक परिवादी से लीज डीड जारी करने के बदले में 85000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

लीज डीड के नाम पर मांगी गई थी घूस

एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी यूनिट हेड अंजय विश्वकर्मा ने एक परिवादी से ब्यावर क्षेत्र में एक लीज डीड जारी करने की एवज में अवैध राशि की मांग की थी। परिवादी इस भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं बनना चाहता था, इसलिए उसने हिम्मत दिखाते हुए जयपुर एसीबी कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई और शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेहद गोपनीय तरीके से तथ्यों का सत्यापन किया। जब यह पूरी तरह से पुष्टि हो गई कि अधिकारी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहे हैं, तो एसीबी ने जाल बिछाकर ट्रैप की योजना बनाई ताकि उन्हें रंगे हाथों पकड़ा जा सके।

सरकारी दफ्तर में ही रची गई थी साजिश

भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे अपने सरकारी दफ्तर के भीतर ही रिश्वत की डील कर रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जब परिवादी रिश्वत के रुपये लेकर अजमेर के वैशाली नगर स्थित रीको के रीजनल ऑफिस में यूनिट हेड के केबिन में पहुंचा, तो एसीबी की टीम पहले से ही वहां घात लगाए बैठी थी। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, एसीबी की टीम ने तुरंत धावा बोल दिया और अधिकारियों को रंगे हाथों दबोच लिया। इस अचानक हुई छापेमारी से रीको के अजमेर और ब्यावर कार्यालयों में हड़कंप मच गया और अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल देखा गया।

रिश्वत की राशि का विवरण

एसीबी की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर अंजय विश्वकर्मा के पास से 50000 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की। इसके साथ ही, इसी मामले में संलिप्त जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर को 35000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। कुल मिलाकर 85000 रुपये की रिश्वत राशि जब्त की गई है। एसीबी अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह जांच की जा रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार के खेल में अन्य लोग भी शामिल हैं। रिटायरमेंट से महज कुछ दिन पहले हुई इस गिरफ्तारी ने विभाग की छवि पर गहरा असर डाला है और यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।