BJP-RSS News / 'यह पारिवारिक मामला, हमने सुलझा लिया', RSS का बीजेपी से संबंध को लेकर बड़ा बयान

आरएसएस ने जेपी नड्डा के बयान को परिवार का मामला बताया, जिसे सुलझा लिया गया है। सुनील आंबेकर ने कहा कि केरल बैठक में बांग्लादेश हिंसा, महिला सुरक्षा, और जाति जनगणना पर चर्चा हुई। जाति जनगणना का राजनीतिक इस्तेमाल न हो, केवल कल्याण के लिए होना चाहिए, यह लक्ष्मण रेखा तय की गई।

BJP-RSS News: लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा और संघ के रिश्तों पर जेपी नड्डा के बयान के बाद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह एक पारिवारिक मामला है और इसे सुलझा लिया गया है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने केरल में आयोजित तीन दिवसीय समन्वय बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार के भीतर सब कुछ सामान्य है और "ऑल इज वेल।"

बैठक में चर्चा के प्रमुख मुद्दे

आंबेकर ने बताया कि बैठक के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों, महिलाओं की सुरक्षा, और कोलकाता में डॉक्टर के साथ हुए अत्याचार पर गहन चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और अन्य राज्यों में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विचार किया गया।

जाति जनगणना पर संघ की दृष्टि

जाति जनगणना के बारे में आरएसएस ने स्पष्ट किया कि उन्हें विशेष समुदायों या जातियों के आंकड़े एकत्र करने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते इसका उपयोग उनके कल्याण के लिए हो। आंबेकर ने कहा कि जाति और जाति-संबंध हिंदू समाज के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है और इसे राष्ट्रीय एकता के लिए गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

राजनीतिक औजार के रूप में जाति जनगणना का विरोध

आरएसएस ने जाति जनगणना के आंकड़ों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की निंदा की है। आंबेकर ने कहा कि आंकड़े केवल उन समुदायों और जातियों के कल्याण के लिए एकत्र किए जाने चाहिए, जो पिछड़े हुए हैं, और चुनाव प्रचार के लिए इसका प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे लेकर एक "लक्ष्मण रेखा" तय की है, जिसे सभी के लिए मान्य किया जाएगा।

SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER