इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस का सदस्य बना सऊदी अरब, अब 26 हुई संख्या

सऊदी अरब आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) का 26वां सदस्य बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस वैश्विक गठबंधन का उद्देश्य बाघ और शेर जैसी सात प्रमुख बड़ी बिल्लियों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना है।

इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में अब एक और महत्वपूर्ण देश शामिल हो गया है। शुक्रवार (22 मई) को सऊदी अरब आधिकारिक तौर पर IBCA का नया सदस्य बन गया है। सऊदी अरब के इस गठबंधन में शामिल होने के बाद अब इसके सदस्य देशों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इस वैश्विक गठबंधन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 अप्रैल 2023 को मैसूर में की गई थी। यह आयोजन भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। IBCA दुनिया की सात प्रमुख बड़ी बिल्लियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के लिए भारत द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण वैश्विक गठबंधन है।

IBCA की स्थापना और मुख्यालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2023 में इस अलायंस की परिकल्पना पेश की थी, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से 12 मार्च 2024 को स्थापित किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय संगठन का मुख्यालय भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है और भारत सरकार ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के माध्यम से IBCA की स्थापना की है। यह संगठन एक ऐसे मंच के रूप में कार्य करता है जो उन सभी देशों को एक साथ लाता है जहां बड़ी बिल्लियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन लुप्त होती प्रजातियों की रक्षा के लिए एक समन्वित वैश्विक प्रयास सुनिश्चित करना है।

सात प्रमुख बड़ी बिल्लियों का संरक्षण

इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस का मुख्य ध्यान दुनिया की सात प्रमुख बड़ी बिल्लियों पर केंद्रित है। इन प्रजातियों में बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा शामिल हैं। यह अलायंस इन जानवरों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के लिए भी काम करता है। भारत ने इसे एक ग्लोबल पहल के तौर पर लॉन्च किया था ताकि दुनिया भर में इन जानवरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। यह संगठन अवैध शिकार और वन्यजीवों की तस्करी को रोकने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करने पर जोर देता है।

अलायंस के मुख्य उद्देश्य और कार्य

IBCA का उद्देश्य केवल जानवरों को बचाना ही नहीं है, बल्कि ज्ञान साझा करना, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के माध्यम से एक व्यापक संरक्षण ढांचा तैयार करना भी है। यह अलायंस उन देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है जहां ये बड़ी बिल्लियां पाई जाती हैं और इसका फोकस दुनिया भर में बड़ी बिल्लियों और उनके रहने की जगहों के बचाव और सुरक्षा पर है। भारत ने इस अलायंस को बड़ी बिल्ली प्रजातियों और उनके आवासों की सुरक्षा के लिए समन्वित वैश्विक कार्रवाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया था, ताकि पारिस्थितिकी स्थिरता और जैव विविधता को बनाए रखा जा सके।

सदस्य देशों की सूची और विस्तार

सऊदी अरब के शामिल होने से पहले इस अलायंस में 25 सिग्नेटरी देश और 5 ऑब्जर्वर देश शामिल थे। IBCA के इन 25 सदस्य देशों में भारत, अंगोला, आर्मेनिया, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मिस्र, इरिट्रिया, इस्वातिनी, इथियोपिया, ग्वाटेमाला, गिनी, केन्या, लाइबेरिया, मलेशिया, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, निकारागुआ, नाइजर, पैराग्वे, रूस, रवांडा, सोमालिया और श्रीलंका शामिल हैं। अब सऊदी अरब के 26वें सदस्य के रूप में जुड़ने से इस गठबंधन को और मजबूती मिली है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब के शामिल होने से वित्तीय सहयोग, क्षेत्रीय संरक्षण साझेदारी और जैव विविधता प्रबंधन के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर नई गति मिलेगी।

सऊदी अरब का स्वागत और आगामी शिखर सम्मेलन

इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस ने सऊदी अरब के शामिल होने पर अपनी खुशी जाहिर की है। संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से सऊदी अरब का अपने नवीनतम सदस्य देश के रूप में हार्दिक स्वागत किया। अलायंस ने कहा कि यह बिग कैट संरक्षण और एक सतत ग्रह के लिए वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामूहिक कदम है। इसी बीच, दिल्ली में 1 और 2 जून को होने वाला पहला इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस शिखर सम्मेलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस सम्मेलन की नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। यह शिखर सम्मेलन चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (आईएएफएस चतुर्थ) के साथ आयोजित किया जाना था, क्योंकि कई अफ्रीकी देश इन प्रजातियों के संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।