स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात और तनाव पैदा हो गया है। ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने जहाजों को सुरक्षित निकालने की अपनी महत्वपूर्ण योजना को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने निकासी प्रक्रिया पर लगाई रोक
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने का काम तब तक स्थगित रहेगा, जब तक कि एजेंसी को निकासी सूची में शामिल जहाजों और उस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा की पुख्ता गारंटी नहीं मिल जाती। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जब तक सुरक्षा की पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी भी जहाज को जोखिम भरे क्षेत्र में नहीं भेजा जाएगा।
ओमान तट के पास हुआ हमला
ब्रिटिश सेना द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुरुवार को ओमान के तट के पास एक जहाज को प्रक्षेप्य यानी प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हमला किस देश या समूह ने किया है और किस विशिष्ट जहाज को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। इस हमले ने क्षेत्र में पहले से मौजूद असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं को सतर्क कर दिया है।
ईरान की चेतावनी और तनाव का कारण
यह हमला उस समय हुआ है जब कुछ ही घंटों पहले ईरान ने एक कड़ी चेतावनी जारी की थी। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कोई भी जहाज तेहरान की मंजूरी के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जाने वाले संयुक्त राष्ट्र के मान्यता प्राप्त रास्ते का इस्तेमाल न करे। ईरान की इस धमकी और उसके बाद हुए हमले ने क्षेत्र में सैन्य और कूटनीतिक तनाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। हालांकि हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है, लेकिन ईरान के बयान ने संदेह पैदा कर दिया है।
लेबनान में इजराइली हमला और जनहानि
समुद्री तनाव के बीच दक्षिणी लेबनान से भी भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं। नबातियेह इलाके के बाहरी हिस्से में हुए एक इजराइली हमले में 3 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला उस समय हुआ जब वाशिंगटन में शांति और समाधान के लिए बातचीत का दौर जारी है। इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के उन क्षेत्रों में आवाजाही करने वाले लोगों को लगातार निशाना बना रही है जहां उसका नियंत्रण या प्रभाव है और इस हमले ने शांति वार्ताओं के बीच हिंसा की निरंतरता को दर्शाया है।
युद्ध का बढ़ता आंकड़ा
लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल मार्च में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक लेबनान में 4000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। लगातार होते हमलों और बढ़ते तनाव के कारण मानवीय संकट गहराता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान दोनों ही मोर्चों पर बढ़ती हिंसा को लेकर चिंतित है, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता खतरे में पड़ गई है।
