संयुक्त राज्य अमेरिका को अक्सर दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बार उसे किसी दुश्मन देश की सेना ने नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रचंड रूप ने चुनौती दी है। सुपर टाइफून बावी ने प्रशांत महासागर में स्थित अमेरिका के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ठिकानों, गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह को अपनी चपेट में ले लिया है। यह क्षेत्र अमेरिकी सेना के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है, क्योंकि यहीं पर उनके सबसे बड़े हवाई और नौसैनिक अड्डे स्थित हैं। इस शक्तिशाली तूफान के आने से न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, बल्कि सैन्य तैयारियों को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
सुपर टाइफून बावी की विनाशकारी शक्ति
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बावी इस साल के सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक है। इसे कैटेगरी 5 के बराबर की ताकत वाला सुपर टाइफून माना जा रहा है। इस तूफान ने सबसे पहले रोटा द्वीप पर अपनी दस्तक दी और उसके बाद गुआम, टिनियन और सायपन जैसे द्वीपों पर अपना असर दिखाया और तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 290 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जो लगभग 180 मील प्रति घंटे के बराबर है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके इससे भी अधिक तीव्र थे और मूसलाधार बारिश और समुद्र की ऊंची लहरों के कारण पूरे इलाके में रेड अलर्ट जारी किया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। अमेरिकी सेना ने भी पहले से तैयारी करते हुए सैन्य उपकरणों और विमानों को सुरक्षित करने के कदम उठाए हैं।
सैन्य अड्डों और बी-2 बॉम्बर पर प्रभाव
गुआम में स्थित एंडरसन एयर फोर्स बेस और नेवल बेस गुआम अमेरिका के लिए सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। एंडरसन एयर फोर्स बेस का उपयोग अक्सर बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर की तैनाती के लिए किया जाता है। बी-2 बॉम्बर एक ऐसा विमान है जो दुश्मन के रडार की नजरों से बचकर लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। हाल के वर्षों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने कई बार इन बमवर्षकों को गुआम में तैनात किया है। इसके अलावा, नेवल बेस गुआम में अमेरिकी नौसेना के बड़े जहाज और परमाणु पनडुब्बियां भी तैनात रहती हैं। तूफान की वजह से इन अड्डों पर मौजूद आधुनिक हथियारों और विमानों की सुरक्षा को लेकर सेना ने विशेष कदम उठाए हैं।
रणनीतिक महत्व और चुनौतियां
अमेरिका के लिए गुआम का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में उसकी सैन्य कार्रवाई का मुख्य केंद्र है। यदि भविष्य में चीन या ताइवान को लेकर कोई सैन्य संघर्ष की स्थिति बनती है, तो अमेरिका अपनी पहली कार्रवाई इसी क्षेत्र से शुरू कर सकता है। इसलिए, गुआम को अमेरिका के सबसे अहम रणनीतिक सैन्य ठिकानों में गिना जाता है। सुपर टाइफून बावी ने इस रणनीतिक केंद्र की संवेदनशीलता को उजागर किया है। तूफान के खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना ने पहले ही अपने उपकरणों और विमानों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, ताकि किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
भारी बारिश और बुनियादी ढांचे को नुकसान
अमेरिकी मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बावी के कारण कई इलाकों में विनाशकारी बाढ़ और समुद्री जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। अनुमान लगाया गया है कि कुछ क्षेत्रों में 30 से 50 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। इतनी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली की आपूर्ति, संचार व्यवस्था और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है और प्रशासन ने राहत केंद्र खोल दिए हैं और लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रकृति की ताकत के सामने सबसे आधुनिक सैन्य तकनीक को भी सुरक्षात्मक रुख अपनाना पड़ता है।
