उतर प्रदेश / पत्नी की शर्तें देख परेशान हुआ पति, इनकार करने पर पुलिस तक पहुंचा मामला, फिर भी नहीं बनी बात

यूपी के आगरा में बेहद अजब-गजब मामला सामने आया है। यहां एक पति को पत्नी की शर्तों को मानने से इंकार करना भारी पड़ गया। ये मामला इतना बढ़ गया कि दोनों परामर्श केंद्र तक पहुंच गये। वहां काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने अपनी शर्तें कागज पर लिखकर पति के सामने रख दी। पति ने उन सभी शर्तों को मान भी लिया

आगरा: यूपी के आगरा में बेहद अजब-गजब मामला सामने आया है। यहां एक पति को पत्नी की शर्तों को मानने से इंकार करना भारी पड़ गया। ये मामला इतना बढ़ गया कि दोनों परामर्श केंद्र तक पहुंच गये। वहां काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने अपनी शर्तें कागज पर लिखकर पति के सामने रख दी। पति ने उन सभी शर्तों को मान भी लिया, लेकिन पत्नी को लगा कि परामर्श केंद्र में पुलिस को देखकर वो शर्तें मान रहा है बाद में पलट जाएगा। इतना ही नहीं पति अपना कारोबार तक देने को राजी हो गया था पर पत्नी नहीं मानी। जब दोनों में कोई फैसला नहीं हो सका तो उन्हें अगली तारीख देकर वापस भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

मामला कमला नगर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले दंपति की जिंदगी खुशहाल चल रही थी। लेकिन खर्चों को लेकर आये दिन झगड़ा हुआ करता था। पत्नी का आरोप है कि पति उसे खर्चा नहीं देता। बेटी के लिए एयर कंडीसनर (AC) भी नहीं लगवा रहा है। दवा कारोबार से जुड़े दंपति का ये विवाद इतना बढ़ गया कि इस कलह हो खत्म करने का अब सिर्फ परामर्श केंद्र की एकमात्र उपाय है। दोनों परामर्श केंद्र पहुंचे। वहां काउंसलिंग के दौरान कागज पर लिखी सभी शर्तों को पति ने मान लिया लेकिन पत्नी फिर भी राजी नहीं हो रही। 

हम महीने पत्नी को देता है 5 हजार रुपये

वहीं, पति का कहना है कि घर का सारा खर्च वो ही चलाता है। घर खर्च में कभी कोई कमी नहीं की। हर महीने 5 हजार रुपये पत्नी को भी देता है। उसने बताया कि लॉकडाउन में काम-धंधा सब चौपट हो गया, इसलिए वो अलग से बेटी के कमरे में अभी एसी नहीं लगवा पाया है। लेकिन उसका कहना है कि वो समय आने पर बेटी के रूम में भी एसी लगवा देगा। 

पत्नी का आरोप झूठ बोल रहा है पति 

बता दें कि पत्नी ने शर्त में लिखा कि उसे 5 हजार की जगह सात हजार रुपये हर महीने चाहिए। इस शर्त को पति ने मान लिया। पत्नी का ये भी कहना है कि पति का काम बिल्कुल सही चल रहा है। वो झूठ बोल रहा है कि काम मे दिक्कत है। जिसके बाद पति अपना कारोबार तक पत्नी को देने को तैयार है। इसके बाद भी कोई फैसला नहीं हो सका, इसलिए परामर्श केंद्र ने इस मामले में सुलह के लिए अब अगली तारीख दी है।


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