उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। मुख्यमंत्री ने इस बजट को देश का 'विजनरी बजट' करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) के भाव के साथ काम किया है और यह बजट उसी विचारधारा का प्रतिबिंब है।
कर्तव्य भवन से प्रस्तुत पहला बजट और विजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट के प्रतीकात्मक और कार्यात्मक महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यह पहला बजट है जो 'कर्तव्य भवन' से बनकर सामने आया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में जब प्रधानमंत्री ने 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया था, तब उन्होंने नागरिकों के मूल कर्तव्यों पर चर्चा का आह्वान किया था। सीएम योगी के अनुसार, यह बजट हर भारतीय को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि बजट में रिफॉर्म (सुधार), ग्रोथ (विकास) और फिस्कल डिसिप्लिन (वित्तीय अनुशासन) का स्पष्ट संतुलन दिखाई देता है, जो देश की आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश के लिए वित्तीय आवंटन और एमएसएमई क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 26 लाख करोड़ हो गया है। इसमें केंद्रीय करों का हस्तांतरण (Devolution) और विभिन्न अनुदान शामिल हैं। सीएम योगी ने विशेष रूप से एमएसएमई (MSME) सेक्टर का उल्लेख किया, जिसके लिए बजट में ₹10,000 करोड़ का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ देश का सबसे बड़ा बेस रखता है, इसलिए इस आवंटन का सीधा और व्यापक लाभ राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर: मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और वाटरवेज
कनेक्टिविटी के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के अगले चरणों के लिए ₹32,075 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसके अतिरिक्त, देश के सात नए रेलवे कॉरिडोर में से दो उत्तर प्रदेश को मिले हैं, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। जलमार्गों के विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वाराणसी से हल्दिया के बीच देश का पहला वाटर-वे पहले ही चालू है, और अब वाराणसी में शिप मैन्युफैक्चरिंग और रिपेयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।
औद्योगिक विकास और सेमीकंडक्टर हब
उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल टेक हब बनाने की दिशा में जेवर एयरपोर्ट के पास देश का पहला सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पार्क मंजूर किया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इसके साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹5,000 करोड़ प्रति रीजन का प्रावधान किया गया है, जिससे वाराणसी और प्रयागराज जैसे हेरिटेज शहरों के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन धार्मिक स्थलों पर सीप्लेन ऑपरेशंस के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) का भी प्रस्ताव है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण
सामाजिक क्षेत्र में बजट के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि राज्य के हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर की क्षमता को 50% तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। यह पहल उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीब—इन चारों स्तंभों को ध्यान में रखकर बनाया गया यह बजट यूपी की आकांक्षाओं को नई उड़ान देगा।
विश्लेषकों के अनुसार आर्थिक प्रभाव
26 लाख करोड़ का फंड राज्य की जीडीपी वृद्धि दर को गति देने में सहायक होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे और तकनीकी पार्कों पर ध्यान केंद्रित करने से राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ने की संभावना है। विश्लेषकों के अनुसार, मेट्रो परियोजनाओं और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए किया गया भारी आवंटन शहरी गतिशीलता को सुधारेगा और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने की राह आसान होगी।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का एक रोडमैप है। उत्तर प्रदेश के लिए किए गए विशेष प्रावधानों से राज्य के औद्योगिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से उत्तर प्रदेश देश के विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूती से निभाएगा।
