बीजेपी के गुंडों ने बरसाए पत्थर, CRPF ने बचाई जान: जानलेवा हमले के बाद बोले TMC सांसद कल्याण बनर्जी

हुगली में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमला हुआ है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी और गाली-गलौज का आरोप लगाया है। बनर्जी ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान ने उनकी जान बचाई जबकि बंगाल पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से राजनीतिक हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार 30 मई को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद अब पार्टी के एक और वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमला किया गया है। हुगली जिले में हुई इस घटना ने राज्य के राजनीतिक माहौल में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ न केवल जमकर नारेबाजी की बल्कि उनके साथ मारपीट भी की गई।

चंडीतला मार्केट में हुआ हमला

घटना के समय टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इन चार्ज से मिलने और एक ज्ञापन सौंपने के लिए अपनी कार से जा रहे थे। वह अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में और गिरफ्तार किए गए टीएमसी नेताओं व कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर वहां पहुंचे थे। कल्याण बनर्जी ने बताया कि जब वह चंडीतला मार्केट पहुंचे, तो वहां बहुत ज्यादा ट्रैफिक जाम था। इस वजह से वह अपने पीएसओ के साथ पैदल ही चंडीतला क्रॉसिंग की ओर चल दिए, जो चंडीतला पुलिस स्टेशन से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सांसद के अनुसार, इसी दौरान भगवा कपड़ों में मौजूद 10-15 भाजपा के गुंडों ने उन्हें घेर लिया। इन लोगों ने अचानक उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और दुश्मनी का माहौल बना दिया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें देखते ही "चोर-चोर" के नारे लगाने शुरू कर दिए और उनके साथ अभद्रता की।

CRPF के जवान ने बचाई जान

कल्याण बनर्जी ने हमले का विवरण देते हुए बताया कि भाजपा के लोगों ने उन्हें गालियां दीं, लेकिन वह फिर भी आगे बढ़ते रहे। इसी बीच भीड़ की तरफ से उनके सिर पर एक बड़ा पत्थर फेंका गया। पत्थर लगने से उनके सिर से खून निकलने लगा और वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। घटना की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें कल्याण बनर्जी अपना सिर पकड़कर सड़क पर गिरे हुए नजर आ रहे हैं।

सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी जान सीआरपीएफ के एक जवान की वजह से बची है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के एक जवान ने मौके पर आकर किसी तरह उन्हें भीड़ से बचाया, जिसके लिए वह उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने इस पूरी घटना को खुद को जान से मारने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

बंगाल पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

इस हमले के बाद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्होंने कहा कि जब उन पर हमला हो रहा था, तब बंगाल पुलिस पूरी तरह मूक दर्शक बनी रही। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को रोकने या उन्हें गिरफ्तार करने की कोई कोशिश नहीं की। बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हमला आम जनता के गुस्से का परिणाम नहीं है, बल्कि भाजपा द्वारा प्रायोजित है। उन्होंने कहा, "बंगाल के लोग बताएंगे कि सांसदों पर हमले क्यों हो रहे हैं?

मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात

हुगली के चंडीतला में हुई इस घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं।