गल्फ ऑफ ओमान में भारतीय नाविकों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने भारतीय जहाजों पर ड्रोन से हमला किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के जहाजों पर इस तरह का हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ट्रंप का यह बयान गल्फ ऑफ ओमान में भारतीय नाविकों पर हमले की तीन लगातार घटनाओं के बाद सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है।
हमलों का सिलसिला और जान-माल का नुकसान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8, 9 और 11 जून को तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हमले की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं में अमेरिकी सेना की भूमिका भी चर्चा में रही है। विशेष रूप से 9 जून को हुए हमले में भारत के 4 नागरिकों की जान चली गई थी। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और ट्रंप ने इन हमलों का सीधा दोष ईरान के मत्थे मढ़ते हुए इसे भारतीय हितों पर आघात बताया है। हालांकि, इन तारीखों पर हुए हमलों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ट्रंप ने ईरान की संलिप्तता पर जोर दिया है।
ईरान के साथ डील को ट्रंप ने बताया फेक न्यूज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने लिखा कि ईरान ने जो शर्तें बताई हैं, उनका लिखित में तय हुई शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह से फेक न्यूज है। ट्रंप ने ईरान के बयानों को कमजोर और शर्मनाक करार देते हुए कहा कि उनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है और उन्होंने आगे कहा कि ईरान के साथ डील करना एक बेईमानी भरा काम है और उनके साथ ईमानदारी से कोई भी समझौता करना संभव नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का दावा
भारतीय जहाजों पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि कल रात होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ईरान के ड्रोन हमले को पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया। उन्होंने इस हरकत को पूरी तरह से नामंजूर बताया और चेतावनी दी कि ईरान को जल्द से जल्द अपनी इन हरकतों में सुधार कर लेना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने इन हमलों को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा की मांग की है।
एमटी जलवीर पर मिसाइल हमला और कूटनीतिक विरोध
इन हमलों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण घटना एमटी जलवीर नाम के कॉमर्शियल जहाज के साथ हुई। ओमान के पास इस जहाज पर मिसाइल से हमला किया गया था। इस घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी दूतावास के चार्ज डि अफेयर्स को बुलाकर चेतावनी दी थी और इसके बावजूद, बीते गुरुवार को अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने एमटी जलवीर पर फिर से मिसाइल अटैक किया। अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने खुद ट्वीट करके इस हमले की पुष्टि की थी और इसकी जानकारी सार्वजनिक की थी।
अमेरिकी सेना और ट्रंप के दावों में विरोधाभास
एमटी जलवीर पर हुए हमले के बाद राहत की बात यह रही कि ओमान की रेस्क्यू टीम ने जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर अमेरिका के चार्ज डि अफेयर्स जैसन मीक्स को तलब किया और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नाविकों को निशाना बनाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया और इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विरोधाभास तब देखने को मिला जब अमेरिकी सेना ने खुद हमले का वीडियो जारी कर जिम्मेदारी का संकेत दिया, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कह दिया कि यह हमला अमेरिका ने नहीं बल्कि ईरान ने किया है। ट्रंप के इस बयान ने मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है।
