सीजफायर ऐलान से पहले तेल बाजार में करोड़ों डॉलर के दांव और मिनटों में भारी मुनाफा कमाने की आशंका के बीच रॉयटर्स की एक रिपोर्ट आई है, जिसने बाजार में हेरफेर के शक को और बढ़ा दिया है। ऐसा माना जा रहा था कि ईरान वॉर और सीजफायर की खबरों से बाजार में हेरा फेरी कर मोटा पैसा बनाया जा रहा है। अब रायटर्स की एक रिपोर्ट ने इन कयासों को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में बाताया गया है कि सीजफायर के ऐलान से ठीक पहले कैसे कच्चे तेल का खेल किया गया और महज 2 मिनट में ही करीब 430 मिलियन डॉलर F&O मार्केट से छाप दिए गए।
महज 2 मिनट में 430 मिलियन डॉलर की कमाई
1 बिलियन डॉलर की हेरा फेरी कर दी गई। सीजफायर के ऐलान से ठीक पहले क्रूड ऑयल के 4260 लॉट एक झटके में बेच दिए गए, जिससे एक ही झटके में कच्चे तेल की कीमतें 15 फीसदी तक लुढक गईं और इस गिरावट से करीब 430 मिलियन डॉलर की कमाई कर ली गई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने से ठीक 15 मिनट पहले कि वह ईरान के साथ संघर्ष विराम को आगे बढ़ाएंगे, ट्रेडर्स ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट पर $430 मिलियन के दांव लगाए।
बाजार में हेरफेर के मुख्य आंकड़े
समय और कीमतों का सटीक तालमेल
LSEG के आंकड़ों के अनुसार, 1954 से 1956 GMT के बीच करीब 4,260 लॉट ब्रेंट क्रूड ऑयल एक साथ बेचे गए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 430 मिलियन डॉलर थी। यह सौदा ऐसे समय में हुआ जब बाजार बंद होने के बाद कम वॉल्यूम में ट्रेडिंग होती है, जिससे कीमतों पर इसका असर ज्यादा दिखता है। 66 डॉलर पर आ गई। 83 डॉलर तक पहुंच गई। इस गिरावट से पहले लगाए गए दांव ने ट्रेडर्स को भारी मुनाफा दिलाया।
पूर्व में हुई संदिग्ध ट्रेडिंग की घटनाएं
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। मार्च और अप्रैल के दौरान इस तरह के कई बड़े दांव देखे गए। 23 मार्च को ट्रंप की संभावित सैन्य कार्रवाई टालने की घोषणा से पहले करीब 500 मिलियन डॉलर का दांव लगाया गया था। वहीं, 7 अप्रैल को सीजफायर की घोषणा से पहले 950 मिलियन डॉलर और 17 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी खबर से पहले 760 मिलियन डॉलर के दांव लगाए गए। 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जिससे यह संदेह गहराता है कि बाजार में इनसाइड जानकारी के आधार पर ट्रेडिंग की जा रही है। इस पूरे मामले में अमेरिकी एजेंसियां जांच भी कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर बाजार में हेरफेर की पुष्टि नहीं की है।
