डोनाल्ड ट्रम्प का दावा: 200% टैरिफ की चेतावनी से रुका भारत-पाकिस्तान संघर्ष

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने के लिए 200% टैरिफ की चेतावनी दी थी। वाशिंगटन में 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव के कारण दोनों देश पीछे हटे। ट्रम्प ने इस दौरान 11 लड़ाकू विमानों के गिरने का भी जिक्र किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वाशिंगटन में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा दावा किया है। ट्रम्प के अनुसार, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक दबाव के बाद ही दोनों देश संघर्ष को रोकने के लिए सहमत हुए और ट्रम्प ने इस बात पर जोर दिया कि उस समय स्थिति अत्यंत गंभीर थी और दोनों देशों के बीच हवाई संघर्ष की स्थिति बनी हुई थी।

टैरिफ की चेतावनी और आर्थिक दबाव का दावा

डोनाल्ड ट्रम्प ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई तेज हो गई थी, तब उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व से संपर्क किया था। ट्रम्प के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी नेतृत्व को स्पष्ट कर दिया था कि यदि संघर्ष तुरंत समाप्त नहीं किया गया, तो अमेरिका उनके साथ व्यापारिक संबंधों को पूरी तरह से निलंबित कर देगा और 200% का भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लागू कर देगा। ट्रम्प ने दावा किया कि दोनों देश युद्ध जारी रखना चाहते थे, लेकिन आर्थिक नुकसान की संभावना को देखते हुए उन्होंने पीछे हटने का निर्णय लिया।

संघर्ष के दौरान 11 फाइटर जेट्स गिरने का उल्लेख

अपने संबोधन के दौरान ट्रम्प ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। उन्होंने दावा किया कि इस सैन्य संघर्ष के दौरान कुल 11 महंगे फाइटर जेट्स गिराए गए थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे या किस विशिष्ट अभियान के दौरान गिराए गए। 5 करोड़ लोगों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया।

पहलगाम हमला और भारत की सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तनाव की शुरुआत पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले से हुई थी, जिसमें 26 भारतीय पर्यटकों की मृत्यु हो गई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। इस अभियान के दौरान बहावलपुर और मुरीदके जैसे क्षेत्रों में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद 8 मई को पाकिस्तान ने भारतीय हवाई सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाने का प्रयास किया था, जिसमें चीन और तुर्किये के ड्रोन्स का उपयोग किया गया था, लेकिन भारतीय वायुसेना ने इन प्रयासों को विफल कर दिया था।

बोर्ड ऑफ पीस की संरचना और वैश्विक भूमिका

ट्रम्प ने 'बोर्ड ऑफ पीस' के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस बोर्ड का प्रस्ताव पहली बार सितंबर 2025 में गाजा युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से रखा गया था। वर्तमान में अमेरिका ने लगभग 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। इस बोर्ड के चार्टर के अनुसार, जो देश तीन साल से अधिक समय तक सदस्य बने रहना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। ट्रम्प स्वयं इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से काम करेगा और इसका उद्देश्य केवल गाजा तक सीमित न रहकर वैश्विक संघर्षों को सुलझाना होगा।

चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संबंध

चीन के संदर्भ में बात करते हुए ट्रम्प ने घोषणा की कि वह आगामी अप्रैल में चीन का दौरा करेंगे। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने संबंधों को सकारात्मक बताया। ट्रम्प ने अपनी पिछली चीन यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए वहां के सैन्य अनुशासन और स्वागत समारोह की चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति शी के साथ मिलकर वैश्विक स्थिरता के लिए काम करने के इच्छुक हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बोर्ड ऑफ पीस जैसी पहल वैश्विक कूटनीति में एक नया आयाम जोड़ेगी, जिससे कुछ अंतरराष्ट्रीय हलकों में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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