ट्रंप का दावा: ईरान ने समझौते के लिए किया संपर्क, 15 बिंदुओं पर चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने स्वयं समझौते के लिए संपर्क किया है। ट्रंप के अनुसार, दोनों देश 15 बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं और अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले को 5 दिनों के लिए टाल दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में मीडिया से बातचीत के दौरान एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान ने स्वयं समझौते के लिए पहल की है। ट्रंप के अनुसार, यह संपर्क अमेरिका की ओर से नहीं बल्कि ईरान की ओर से किया गया है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान वर्तमान में एक समझौता करना चाहता है और अमेरिका भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इस घटनाक्रम के बीच, अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले संभावित हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।

ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच लगभग 30 मिनट तक चली चर्चा में 15 प्रमुख बिंदुओं पर बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि समझौते की संभावना प्रबल है, लेकिन इसकी कोई पूर्ण गारंटी नहीं दी जा सकती। ट्रंप के अनुसार, बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जारी तनाव को कम करना और एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ना है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह बातचीत विफल रहती है, तो अमेरिका अपने सैन्य विकल्पों पर पुनः विचार कर सकता है।

परमाणु हथियार कार्यक्रम पर पूर्ण प्रतिबंध की शर्त

डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि किसी भी संभावित समझौते की सबसे अनिवार्य शर्त यह होगी कि ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह से त्याग दे। ट्रंप के अनुसार, ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान इस शर्त को स्वीकार नहीं करता है, तो कोई भी समझौता संभव नहीं होगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि समझौते की स्थिति में अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) को अपने नियंत्रण में ले सकता है, ताकि भविष्य में परमाणु प्रसार के किसी भी जोखिम को समाप्त किया जा सके।

वार्ता के लिए 5 दिनों का समय और सैन्य कार्रवाई का स्थगन

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी साझा की कि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि कूटनीतिक वार्ताओं को एक अवसर दिया जा सके। ट्रंप के अनुसार, इन 5 दिनों की अवधि में यह देखा जाएगा कि ईरान समझौते की शर्तों के प्रति कितना गंभीर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन 5 दिनों में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो अमेरिका अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्यों पर हमले शुरू कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पावर प्लांट्स को बनाने में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है और वे एक ही हमले में नष्ट हो सकते हैं।

15 बिंदुओं पर चर्चा और अमेरिकी प्रतिनिधियों की भूमिका

ट्रंप ने खुलासा किया कि पिछले दो दिनों में दोनों पक्षों के बीच अत्यंत गंभीर और विस्तृत बातचीत हुई है। इस वार्ता प्रक्रिया में अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जैसे वरिष्ठ अधिकारी और सलाहकार शामिल हैं। ट्रंप के अनुसार, रविवार शाम तक चली इन चर्चाओं में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनती दिख रही है। 15 बिंदुओं के इस मसौदे में क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा नीतियां और परमाणु कार्यक्रम जैसे विषय शामिल हैं। ट्रंप का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो न केवल अमेरिका और ईरान के संबंध बदलेंगे, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में शांति स्थापित हो सकती है।

ईरान के आंतरिक नेतृत्व और राजनीतिक बदलाव पर टिप्पणी

बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान में संभावित बड़े राजनीतिक बदलावों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस पक्ष के साथ बातचीत कर रहा है, वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई नहीं हैं। ट्रंप ने दावा किया कि मुज्तबा खामेनेई से इस संबंध में कोई सलाह नहीं ली गई है और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे किसी ईरानी नेता की हत्या नहीं चाहते हैं, लेकिन वे ईरान में एक ऐसी व्यवस्था देखना चाहते हैं जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा न हो।

आर्थिक प्रभाव और तेल की कीमतों पर संभावित असर

ट्रंप ने दावा किया कि यदि ईरान के साथ यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो जाता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में स्थिरता आने से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ होगी, जिसका सीधा लाभ वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगा। ट्रंप के अनुसार, ईरान भी अपनी आर्थिक स्थिति को बचाने के लिए इस समझौते के प्रति उत्सुक है, क्योंकि युद्ध की स्थिति में उसके बुनियादी ढांचे को अपूरणीय क्षति पहुँच सकती है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ इस तरह की कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है।