ट्रंप का दावा: इस हफ्ते खुल सकता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान और ओमान के बीच ड्राफ्ट तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए इस सप्ताह एक समझौता हो सकता है। ईरान और ओमान के बीच बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए इसी हफ्ते एक समझौता हो सकता है। राष्ट्रपति के अनुसार, वार्ता में काफी प्रगति हुई है और अगले एक या दो दिनों के भीतर इस संबंध में कोई बड़ी घोषणा की जा सकती है। ईरान और ओमान के बीच इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को लेकर बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिससे वैश्विक व्यापारिक मार्गों की बहाली की उम्मीद जगी है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और रणनीतिक बदलाव

इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इस युद्ध के पीछे मुख्य उद्देश्य तेहरान की सरकार को गिराना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करना था। हालांकि, समय बीतने के साथ ये लक्ष्य पूरे नहीं हो सके और यह टकराव धीरे-धीरे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण की लड़ाई में तब्दील हो गया। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है और इस पर कब्जे की जंग ने वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रभाव डाले हैं।

युद्ध के दौरान ईरानी हमलों के कारण इस मार्ग से होने वाला समुद्री व्यापार लगभग पूरी तरह से ठप हो गया था। इस नाकाबंदी ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। इस आर्थिक दबाव ने ही दोनों पक्षों को कूटनीतिक समाधान की तलाश करने के लिए प्रेरित किया है ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को फिर से सुचारू बनाया जा सके।

रोम में कूटनीतिक वार्ता

संकट के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने रोम में हुई हालिया चर्चाओं के बारे में जानकारी दी है। इस वार्ता में अमेरिका, ईरान और ओमान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। हालांकि, जमीनी घटनाक्रमों के कारण दूसरे दिन की बातचीत समय से पहले समाप्त हो गई, लेकिन अधिकारी ने इन चर्चाओं को बेहद सकारात्मक बताया है और यदि आवश्यकता पड़ी, तो यह वार्ता गुरुवार को फिर से शुरू हो सकती है ताकि समझौते के अंतिम बिंदुओं पर सहमति बनाई जा सके।

ईरान और ओमान द्वारा तैयार मसौदा

क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, ईरान और ओमान के वार्ताकारों ने जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए एक समझौते का मसौदा तैयार कर लिया है। यह मसौदा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे लागू करने से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोज्तबा खामेनेई की अंतिम मंजूरी मिलना अनिवार्य है। अधिकारियों का मानना है कि यह समझौता एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में काम करेगा। इसके सफल होने पर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिका का रुख और बाजार पर प्रभाव

समझौते की दिशा में प्रगति के बावजूद, अमेरिका ने अपनी कुछ शर्तों पर कड़ा रुख अपनाया हुआ है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसी किसी भी व्यवस्था का समर्थन नहीं करेगा जिसमें ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण मिले। इसके अलावा, अमेरिका इस बात के भी खिलाफ है कि ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का सुरक्षा शुल्क वसूले। इन बिंदुओं पर अमेरिका की असहमति दर्शाती है कि एक स्थायी समझौते तक पहुंचना अभी भी एक जटिल प्रक्रिया है।

संभावित समझौते की खबरों का अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी असर पड़ा है। शुरुआत में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई थी, लेकिन बाद में कीमतों में फिर से तेजी आई। बुधवार को ब्रेंट क्रूड का भाव लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। हालांकि यह कीमत युद्ध के चरम स्तर के मुकाबले कम है, लेकिन बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस समझौते पर टिकी हैं, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना वैश्विक आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।