शेख हसीना के भाषण के बाद शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला

बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के पुश्तैनी घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया है। यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब की भागीदारी के बाद हुई, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।

बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेट कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के पुश्तैनी घर पर बुधवार देर रात पेट्रोल बम फेंका गया। यह हमला मागुरा शहर के केशवमोर इलाके में स्थित उनके पैतृक निवास पर हुआ। जानकारी के अनुसार, यह हिंसक घटना भारत में मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब अल हसन के शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद हुई। हमलावरों ने न केवल पेट्रोल बमों का इस्तेमाल किया, बल्कि घर में तोड़-फोड़ भी की, जिससे संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस और अवामी लीग की तीखी प्रतिक्रिया

यह पूरी घटना नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक बाद घटित हुई और इस घटनाक्रम पर अवामी लीग ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अवामी लीग की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि घरों को आग के हवाले करना, अवामी लीग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की कीमत है और पार्टी ने वर्तमान स्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि बांग्लादेश पर अब नव-फासीवाद का साया मंडरा रहा है। अवामी लीग का स्पष्ट मानना है कि मौजूदा सरकार पूरी तरह से तानाशाही का रूप ले चुकी है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।

मीडिया को दी गई धमकियां और विरोध

प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन से पहले ही माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। बीएनपी (BNP), इस्लामी जमात और एनसीपी (NCP) जैसे संगठनों ने नेशनल मीडिया आउटलेट्स को खुलेआम धमकी दी थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबरें प्रकाशित या प्रसारित की गईं, तो वे अदालत जाएंगे और इस मामले पर मुकदमा करेंगे। अवामी लीग ने इन धमकियों को लोकतंत्र बनाने के नाम पर उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ चल रहे नरसंहार अभियान का एक और सबूत बताया है, जिसे उन्होंने फासीवाद की निशानी करार दिया है।

शेख हसीना की वापसी का संकल्प

बुधवार को शेख हसीना सरकार के तख्तापलट को 2 साल पूरे हो गए। इस अवसर पर 78 साल की पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने भविष्य के इरादों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए पक्का इरादा कर चुकी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका लौटना सत्ता के लालच में नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और खुशहाली की राह पर वापस लाने के लिए है और शेख हसीना ने अपने लौटने पर आने वाले खतरों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार भी सकते हैं। मैं अपने लोगों के बीच रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।

राजनयिक तनाव और विदेश मंत्रालय की नाराजगी

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में शेख हसीना की मीडिया के साथ वर्चुअल बातचीत पर गहरी नाराजगी जताई है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि बांग्लादेश इस बात से आहत है कि नरसंहार की दोषी और फरार शेख हसीना को नई दिल्ली में मीडिया से लाइव बातचीत करने की अनुमति दी गई। मंत्रालय के अनुसार, हसीना और उनके साथियों ने इस मंच का उपयोग बांग्लादेश और वहां के लोगों के खिलाफ जहरीली बातें करने के लिए किया। ढाका ने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि भारत सरकार को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि इस कार्यक्रम से द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिशों पर बुरा असर पड़ सकता है, फिर भी इस सार्वजनिक कार्यक्रम को आयोजित होने दिया गया।